Awadhi: NT

Marathi

Hebrews

13

1भाई क समान परस्पर पिरेम करत रहा।
1ख्रिस्तामध्ये एकमेकांवर अखंडपणे बंधु व भगिनीसारखी प्रीति करा.
2अतिथियन क सत्कार करब न भूला, काहे कि अइसेन करत भए कछू लोगन तउ अनजाना मँ ही सरगदूतन क स्वागत सत्कार किहे अहइँ।
2पाहुणचार करण्याचे विसरू नका. असे करण्याने काहींनी त्यांच्या नकळत देवदूतांचे स्वागत केले आहे.
3बंदियन क इ रूप मँ याद करा जइसेन तूहऊँ ओनके साथी बन्दी रहा ह्वा। जेनके साथे बुरा व्यवहार भवा बा ओनकर एह तरह सुधि ल्या जइसेन माना तू खुद पीड़ित होत अहा।
3तुम्ही स्वत: त्यांच्याबरोबर तुरुंगात होता असे समजून जे तुरुंगात आहेत त्यांची आठवण करा. तुम्हीही देहात असल्याने जे दु:ख भोगीत आहेत त्यांची आठवण ठेवा.
4बियाह क सबके आदर करइ चाही। बियाह क सेज क पवित्तर रखा। काहेकि परमेस्सर व्यभिचारियन अउर दुराचारियन क दण्ड देई।
4सर्वांनी लग्नाचा आदर करावा. व वैवाहिक अशुद्धता असू नये. कारण जे व्यभिचारी व विषयवासनेबद्दल भ्रष्ट आहेत अशा लोकांचा देव न्याय करील.
5अपने जीवन क धने क पिरेम स मुक्त रखा। जउन कछू तोहरे लगे बा, उही मँ सन्तोस करा काहेकि परमेस्सर तउ कहे बाटइ, “मइँ तोहका कबहुँ न छोड़ब, अउर तोहका कभी न तजबइ।” व्यवस्था विवरण 31:6
5आपले जीवन पैशाच्या लोभापासून दूर ठेवा व तुमच्याकडे जे आहे त्यातच समाधान माना. कारण देवाने असे म्हटले आहे. “मी कधीही तुला सोडणार नाही, मी कधीही तुला त्यागणार नाही” अनुवाद 31:6
6इही बरे हम बिसवास क साथे कहत हई, “पर्भू मोर सहायक, मइँ कबहुँ भयभीत न बनबइ। कउनउ मनइ मोर का करइ?” भजन संहीता 118:6
6म्हणून आपण खात्रीने म्हणू शकतो “देव माझा साहायकर्ता आहे, मी भिणार नाही. मनुष्य माझे काय करणार?” स्तोत्र. 118:6
7अपने नेतन क याद रखा जे तोहे परमेस्सर क बचन सुनाये अहइ। ओनकर जीवन विधि क परिणाम पे बिचार करा अउर ओनके बिसवास क अनुसरण करा।
7ज्यांनी तुम्हांला देवाचा संदेश दिला त्या पुढाऱ्यांची आठवण ठेवा. त्यांच्या जीवनातील निष्पत्ती पाहा. आणि त्यांच्या विश्वासाचे अनुकरण करा.
8ईसू मसीह काल्हिउ ही रहा, आजउ वइसेनइ अहइ अउर युग-युगान्तर तलक वइसेन ही रही।
8येशू ख्रिस्त काल, आज आणि युगानुयुगे सारखाच आहे.
9हर तरह क अपरिचित उपदेस स भरमावा न जा। तोहरे मने क बरे अच्छा बा कि उ अऩुग्रह क द्वारा मजबूत बन रहा न कि खाइ-पअइ सम्बन्धी नियमन क मानइ स, जेनसे ओनकर कबहुँ कउनउ भला न भवा होइ, जे ओन्हे मानेन।
9निरनिराळ्या तऱ्हेच्या विचित्र शिकवणुकींमुळे बहकून जाऊ नका. अन्राच्या विधीने नव्हे, तर देवाच्या कृपेने आपली ह्रदये बळकट केलेली फार बरी. कारण अन्राच्या विधींचे पालन करण्याने कोणाचेही हित झालेले नाही.
10हमरे लगे एक अइसेन बेदी अहइ जइसेन प स खाइ क अधिकार ओनका न होइ जउन रावटी मँ सेवा करत हीं।
10ज्या वेदीवरील अन्र खाण्याचा किंवा सहभागी होण्याचा अधिकार मंडपात सेवा करणाऱ्यांनाही नाही. अशी वेदी आपल्याकडे आहे.
11महाजायक परम पवित्तर स्थानन प पाप बलि क रूप मँ पसुवन क लहू त लइ जात हीं, मुला ओनकर सरीस डेरा स बाहेर जलाइ दीन्ह जात हीं।
11यहूदी मुख्य याजक प्राण्यांचे रक्त परमपवित्रस्थानात पापाचे अर्पण म्हणून घेऊन जातात. परंतु केवळ प्राण्यांची शरीरे छावणीच्या बाहेर नेऊन जाळतात.
12इही बरे ईसू तउ खुद अपने लहू स लोगन क पवित्तर करइ क बरे नगर दुवार क बाहेर यातना झेलेस।
12म्हणून येशूने सुद्धा स्वत:च्या रक्ताने लोकांना शुद्ध करावे यासाठी नगराच्या वेशी बाहेर दु:ख सोसले,
13तउ फिन आवा हमहूँ इही अपमान क झेलत भए जेका उ झेले रहा, डेरन क बाहेर ओनके लगे चली।
13म्हणून आपण छावणीच्या बाहेर जाऊ आणि येशूच्या अपमानाचे वाटेकरी होऊ.
14काहेकि इहाँ हमार कउनो स्थायी नगर नाहीं बा बल्कि हम तउ ओह नगरक बाट जोहत अही जउन आवइवाला अहइ।
14कारण कायमस्वरूपी असे नगर आपल्याला येथे नसले तरी भविष्याकाळात येणारे जे नगर आहे त्याच्याकडे आपण पाहत आहोत.
15अतः आवा हम ईसू क द्वारा परमेस्सर क स्तुति रूपी बलिदान करी जउन ओन ओठन क फल अहइ जे ओनके नाउँ क पहिचाने हयेन।
15तर मग आपण येशूच्या द्वारे स्तुतीचा यज्ञ सातत्याने करू या. म्हणजे त्याचे नाव आपल्या ओठांनी सतत घेऊ या
16अउर नेकी करब अउर आपन चीजन क अउरन क साथे बाँटब न भूला। काहेकि परमेस्सर अइसेनइ बलिदान स खुस होत ह।
16आणि इतरांसाठी चांगले ते करण्यास आणि दानधर्म करण्यास विसरू नका. कारण अशा अर्पणाने देवाला संतोष होतो.
17आपने नेतन क आज्ञा माना। ओनके अधीन रहा। उ पचे तोहेप अइसेन चउकसी रखत हीं जइसेन ओन्हन मनइयन प रखी जात ह जेका आपन लेखा-जोखा ओन्हे देइ क बा। ओनकर आज्ञिया मानअ, जेसे ओनकर करम आनन्द बनी जाइ। न कि एक बोझ बनइ। काहेकि ओसे तोहर कउनउ लाभ न होये।
17आपल्या पुढाऱ्यांच्या आज्ञा पाळा आणि त्यांच्या अधीन असा. ज्यांना हिशेब द्यावयाचा असतो त्यांच्याप्रमाणे तुमच्या जीवासंबंधाने ते जागरूक असतात, त्यांच्या आज्ञा पाळा यासाठी की, त्यांनी त्यांचे काम दु:खाने न करता आनंदाने करावे.
18हमरे बरे बिनती करत रहा। हमका निस्चय कि हमार भावना ठीक बा। अउर हम हर तरह स उहइ करइ चाहित ह जउन उचित बा।
18आमच्यासाठी प्रार्थना करा. आमची सदसदविवेक बुध्दि शुद्ध आहे याविषयी आमची खात्री आहे आणि सर्व बाबतीत जे नेहमी बरोबर आहे तेच सदैव करीत राहावे अशी आमची इच्छा आहे.
19मइँ बिसेस रूप स आग्रह करित ह कि तू पराथना करत रहा ताकि जल्दी ही मइँ तोहरे लगे आइ सकउँ।
19मी तुम्हांला विनति करतो की, देवाने मला लवकरच तुमच्याकडे परत पाठवावे म्हणून प्रार्थना करा.
20[This verse may not be a part of this translation]
20ज्या शांतीच्या देवाने आपल्या मेंढरांचा (म्हणजे आपल्या लोकांचा) मेंढपाळ, आपला प्रभु येशू ख्रिस्त याला रक्ताच्या युगानुयुगाच्या नव्या कराराद्धारे उठविले.
21[This verse may not be a part of this translation]
21त्याची इच्छा पूर्ण करायला तुम्हांला चांगल्या गोष्टींनी सिद्ध करो आणि येशू ख्रिस्ताच्या द्वारे त्याला संतोष देणारे काम आपल्यामध्ये करो. त्याला युगानुयुगे गौरव असो. आमेन.
22भाइयो तथा बहिनियो मोर आग्रह बा कि तू प्रेरणा देइवाला मोरे इ बचन क धारन करा। मइँ तोहे इ पत्र बहुत संछेप मँ लिखे हउँ।
22बंधुजनहो, हा जो बोधपर संदेश मी थोडक्यात लिहिला आहे, तो धीर धरून ऐका अशी विनति तुम्हांला करतो.
23मइँ चाहत अहउँ कि तोहे जानकारी होइ कि हमार भाई तीमुथियुस रिहा कइ दीन्ह गवा अहइ। अगर उ जल्दी ही आइ पहुँचइ तउ मइँ उही क साथे तोहसे मिलइ अउबइ।
23आपला बंधु तीमथ्य हा तुरुंगातून सुटला आहे. जर तो लवकर माझ्याकडे आला, तर जेव्हा मी तुम्हाला भेटायला येईन तेव्हा तो मजकडे येईल.
24अपने सभन अग्रणियन अउर परमेस्सर क लोगन क नमस्कार भेजत कहा। इतालियावाले स आवा सभी लोगन तोहे नमस्कार भेजत अहइँ। 25परमेस्सर क अनुग्रह तोहे सभन क साथे रहइ।
24तुमच्या सर्व पुढाऱ्यांना व देवाच्या सर्व संतांना सलाम सांगा, इटली येथील सर्वजण तुम्हांला सलाम सांगतात.
25[This verse may not be a part of this translation]
25देवाची कृपा तुम्हां सर्वांबरोबर असो. आमेन.