Awadhi: NT

Syriac: NT

John

5

1एकरे बाद ईसू यहू?दियन क एक उत्सव मँ यरूसलेम गवा।
1ܒܬܪ ܗܠܝܢ ܗܘܐ ܥܕܥܕܐ ܕܝܗܘܕܝܐ ܘܤܠܩ ܝܫܘܥ ܠܐܘܪܫܠܡ ܀
2यरूसलेम मँ भेड़ दरवाजा क पास एक ठु पोखरा अहइ, जेहिका इब्रानी भाखा मँ ‘बैतहसदा’ कहा जात ह। एकरे किनारे पाँच ठु बरामदा बना अहइँ।
2ܐܝܬ ܗܘܐ ܕܝܢ ܬܡܢ ܒܐܘܪܫܠܡ ܕܘܟܬܐ ܚܕܐ ܕܡܥܡܘܕܝܬܐ ܕܡܬܩܪܝܐ ܥܒܪܐܝܬ ܒܝܬ ܚܤܕܐ ܘܐܝܬ ܗܘܐ ܒܗ ܚܡܫܐ ܐܤܛܘܝܢ ܀
3जउने मँ अँधा, लूला, अउर लकवा का मरीज क भीड़ पड़ी रहत ह। अउ उ पचे पानी ह हलइ बरे जोहेन।
3ܘܒܗܠܝܢ ܪܡܝܢ ܗܘܘ ܥܡܐ ܤܓܝܐܐ ܕܟܪܝܗܐ ܘܤܡܝܐ ܘܚܓܝܤܐ ܘܝܒܝܫܐ ܘܡܤܟܝܢ ܗܘܘ ܠܙܘܥܐ ܕܡܝܐ ܀
4कबहूँ पर्भू क दूत पोखरे प आबत रहा अउ पानी क हलावत रहा। सरगदूत क इ करइ क पाछे जउन पहिला मनई पोखरे मँ घुसत रहा उ बेरामी स नीक होइ जात रहा।”
4ܡܠܐܟܐ ܓܝܪ ܒܙܒܢ ܙܒܢ ܢܚܬ ܗܘܐ ܠܗ ܠܡܥܡܘܕܝܬܐ ܘܡܙܝܥ ܗܘܐ ܠܗܘܢ ܠܡܝܐ ܘܐܝܢܐ ܕܩܕܡܝܐ ܢܚܬ ܗܘܐ ܡܢ ܒܬܪ ܙܘܥܐ ܕܡܝܐ ܡܬܚܠܡ ܗܘܐ ܟܠ ܟܐܒܐ ܐܝܢܐ ܕܐܝܬ ܗܘܐ ܠܗ ܀
5ऍनही मरीजन मँ एक अइसा मरीज रहा जउन अड़तीस बरिस स बीमार रहा।
5ܐܝܬ ܗܘܐ ܕܝܢ ܬܡܢ ܓܒܪܐ ܚܕ ܕܬܠܬܝܢ ܘܬܡܢܐ ܫܢܝܢ ܐܝܬܘܗܝ ܗܘܐ ܒܟܘܪܗܢܐ ܀
6जब ईसू ओका हुवाँ लेटा लखेस अउर इ जानेस की ऍतने लम्बे समइ बीमार अहइ तउ ईसू ओसे कहेस, “का तू चंगा होइ चाहत अहा?”
6ܠܗܢܐ ܚܙܐ ܝܫܘܥ ܕܪܡܐ ܘܝܕܥ ܕܙܒܢܐ ܤܓܝܐܐ ܐܝܬ ܠܗ ܘܐܡܪ ܠܗ ܨܒܐ ܐܢܬ ܕܬܬܚܠܡ ܀
7रोगी जवाब देहेस, “महासय मोरे पास केउ नाहीं अहइ जउन पानी क हिलइ प मोका पोखरा मँ उतार देइ। जउ मइँ पोखरा मँ जावा चाहित ह, तउ हमेसा कउनो दूसर मनई मोसे पहिले ओहमाँ उतर जात ह।”
7ܥܢܐ ܗܘ ܟܪܝܗܐ ܘܐܡܪ ܐܝܢ ܡܪܝ ܠܝܬ ܠܝ ܕܝܢ ܐܢܫ ܕܡܐ ܕܐܬܬܙܝܥܘ ܡܝܐ ܢܪܡܝܢܝ ܒܡܥܡܘܕܝܬܐ ܐܠܐ ܥܕ ܐܢܐ ܐܬܐ ܐܢܐ ܐܚܪܝܢ ܡܢ ܩܕܡܝ ܢܚܬ ܀
8ईसू ओसे कहेस, “खड़ा होइ जा, आपन बिस्तरा उठावा अउर उ चलइ लागा।”
8ܐܡܪ ܠܗ ܝܫܘܥ ܩܘܡ ܫܩܘܠ ܥܪܤܟ ܘܗܠܟ ܀
9उ मनई तुरतंहि? चंगा होइ गवा। उ आपन बिस्तरा उठाएस अउर चल दिहेस। उ दिन सबित क दिन रहा।
9ܘܒܪ ܫܥܬܗ ܐܬܚܠܡ ܓܒܪܐ ܗܘ ܘܩܡ ܫܩܠ ܥܪܤܗ ܘܗܠܟ ܘܗܘ ܗܘ ܝܘܡܐ ܫܒܬܐ ܗܘܬ ܀
10इ देखिके यहूदियन उ मनई जउन चंगा होइ गवा रहा स कहब सुरू किहेन, “आज सबित क दिन अहइ अउर इ हमरे नियम क खिलाफ अहइ कि तू आपन बिस्तरा उठावा।”
10ܘܐܡܪܝܢ ܠܗ ܝܗܘܕܝܐ ܠܗܘ ܕܐܬܐܤܝ ܫܒܬܐ ܗܝ ܠܐ ܫܠܝܛ ܠܟ ܕܬܫܩܘܠ ܥܪܤܟ ܀
11इ सुनिके उ जवाब दिहेस, “जउन मोका चंगा किहे बाटइ उ मोसे कहेस, ‘आपन बिस्तरा उठावा अउर चल द्या।”
11ܗܘ ܕܝܢ ܥܢܐ ܘܐܡܪ ܠܗܘܢ ܗܘ ܕܥܒܕܢܝ ܚܠܝܡܐ ܗܘ ܐܡܪ ܠܝ ܕܫܩܘܠ ܥܪܤܟ ܘܗܠܟ ܀
12उ पचे ओसे पूछेन्ह, उ कउन मनई अहइ जउन तोहसे कहेस कि आपन बिस्तरा उठावा अउर चला?”
12ܘܫܐܠܘܗܝ ܡܢܘ ܗܢܐ ܓܒܪܐ ܕܐܡܪ ܠܟ ܕܫܩܘܠ ܥܪܤܟ ܘܗܠܟ ܀
13मुला उ मनई जउन चंगा होइ गवा रहा नाहीं जानत रहा कि उ कउन अहइ, काहे?कि हुवाँ बहुत भीड़ रही अउर ईसू चुपचाप हु?वाँ स चला गवा।
13ܗܘ ܕܝܢ ܕܐܬܐܤܝ ܠܐ ܝܕܥ ܗܘܐ ܡܢܘ ܝܫܘܥ ܓܝܪ ܐܬܓܢܝ ܗܘܐ ܠܗ ܒܟܢܫܐ ܤܓܝܐܐ ܕܐܝܬ ܗܘܐ ܒܕܘܟܬܐ ܗܝ ܀
14ऍकरे बाद ईसू उ मनई क मन्दिर मँ देखेस अउर ओसे कहेस, “देखा, अब तू नीक होइ गवा अहा, एह बरे अब तू पाप करब बन्द कइ द्या नाहीं तउ कउनो अउर बड़ा कस्ट तोहरे ऊपर आइ सकत ह!”
14ܒܬܪ ܙܒܢ ܐܫܟܚܗ ܝܫܘܥ ܒܗܝܟܠܐ ܘܐܡܪ ܠܗ ܗܐ ܚܠܝܡ ܐܢܬ ܬܘܒ ܠܐ ܬܚܛܐ ܕܠܡܐ ܢܗܘܐ ܠܟ ܡܕܡ ܕܒܝܫ ܡܢ ܩܕܡܝܐ ܀
15फिन उ मनई चला गवा। हुवाँ स चलिके उ यहूदियन स आइ क कहेस की ओका चंगा करइवाला ईसू रहा।
15ܘܐܙܠ ܗܘ ܓܒܪܐ ܘܐܡܪ ܠܝܗܘܕܝܐ ܕܝܫܘܥ ܗܘ ܗܘ ܕܐܚܠܡܗ ܀
16यहूदियन ईसू क सताउब सुरू कइ दिहेन्ह, एह बरे कि उ अइसे काम सबित क दिन किहे रहा।
16ܘܡܛܠ ܗܕܐ ܪܕܦܝܢ ܗܘܘ ܝܗܘܕܝܐ ܠܝܫܘܥ ܘܒܥܝܢ ܗܘܘ ܠܡܩܛܠܗ ܕܗܠܝܢ ܥܒܕ ܗܘܐ ܒܫܒܬܐ ܀
17ईसू ओनका जवाब देत कहेस, “मोर परमपिता कबहुँ? काम करब नाहीं छोड़त, एह बरे मइँ काम करित हउँ।”
17ܗܘ ܕܝܢ ܝܫܘܥ ܐܡܪ ܠܗܘܢ ܐܒܝ ܥܕܡܐ ܠܗܫܐ ܥܒܕ ܐܦ ܐܢܐ ܥܒܕ ܐܢܐ ܀
18यहूदियन ओका मार डावइ क इन्तजाम करइ लागेन्ह। केवल इहइ बरे नाहीं कि उ सबित क तोड़त रहा, मुला इहइ बरे कि उ परमेस्सर क आपन परमपिता कहत रहा। इहइ तरीके स उ अपने क परमेस्सर क बराबर देखॅावत रहा।
18ܘܡܛܠ ܗܕܐ ܝܬܝܪܐܝܬ ܒܥܝܢ ܗܘܘ ܝܗܘܕܝܐ ܠܡܩܛܠܗ ܠܐ ܒܠܚܘܕ ܕܫܪܐ ܗܘܐ ܫܒܬܐ ܐܠܐ ܐܦ ܕܥܠ ܐܠܗܐ ܕܐܒܘܗܝ ܐܝܬܘܗܝ ܐܡܪ ܗܘܐ ܘܡܫܘܐ ܗܘܐ ܢܦܫܗ ܥܡ ܐܠܗܐ ܀
19जवाब देत ईसू ओनसे कहेस, “मइँ तू सब पचन क सच्ची बात बतावत अहउँ कि पूत अपने आप कछू नाहीं कइ सकत। उ तउ केवल उहइ करत ह जउन करत अपने परमपिता क देखत ह। परमपिता जउन कछू करत ह, पूत उहइ करत ह।
19ܥܢܐ ܕܝܢ ܝܫܘܥ ܘܐܡܪ ܠܗܘܢ ܐܡܝܢ ܐܡܝܢ ܐܡܪ ܐܢܐ ܠܟܘܢ ܕܠܐ ܡܫܟܚ ܒܪܐ ܥܒܕ ܡܕܡ ܡܢ ܨܒܘܬ ܢܦܫܗ ܐܠܐ ܡܕܡ ܕܚܙܐ ܠܐܒܐ ܕܥܒܕ ܐܝܠܝܢ ܓܝܪ ܕܐܒܐ ܥܒܕ ܗܠܝܢ ܐܦ ܒܪܐ ܐܟܘܬܗ ܥܒܕ ܀
20परमपिता अपने पूत स पिरेम करत ह। अउर उ सब कछू देखाइ देत ह जउन उ करत ह। ओन सब कामन स बड़ी-बड़ी बातन क उ ओका देखाई। तउ तू पचे अचरज करब्या।
20ܐܒܐ ܓܝܪ ܪܚܡ ܠܒܪܗ ܘܟܠܡܕܡ ܕܥܒܕ ܡܚܘܐ ܠܗ ܘܕܝܬܝܪܝܢ ܡܢ ܗܠܝܢ ܥܒܕܐ ܡܚܘܐ ܠܗ ܕܐܢܬܘܢ ܬܬܕܡܪܘܢ ܀
21जइसे परमपिता मरा पूत क उठाइके ओनका नवा जीवन देत ह। वइसे ही भी उन लोगन क जीवन देत ह, जेनका चाहत ह।
21ܐܝܟܢܐ ܓܝܪ ܕܐܒܐ ܡܩܝܡ ܡܝܬܐ ܘܡܚܐ ܠܗܘܢ ܗܟܢܐ ܐܦ ܒܪܐ ܠܐܝܠܝܢ ܕܨܒܐ ܡܚܐ ܀
22परमपिता केहू क निआव नाहीं करत मुला उ निआव करइके अधिकार अपने पूत क दइ दिहे? अहइ।
22ܠܐ ܗܘܐ ܓܝܪ ܐܒܐ ܕܐܢ ܠܐܢܫ ܐܠܐ ܟܠܗ ܕܝܢܐ ܝܗܒܗ ܠܒܪܐ ܀
23जेहसे कि सबहीं मनई क पूत क मान सम्मान करइँ जेहसे कि परमपिता क सबहीं आदर करत हीं। जउन पूत क आदर नाहीं करत परमपिता उ क आदर नाहीं करत जउन ओका पठए अहइ।
23ܕܟܠܢܫ ܢܝܩܪ ܠܒܪܐ ܐܝܟ ܕܡܝܩܪ ܠܐܒܐ ܗܘ ܕܠܐ ܡܝܩܪ ܠܒܪܐ ܠܐ ܡܝܩܪ ܠܐܒܐ ܕܫܕܪܗ ܀
24“मइँ तोहका सच-सच बतावत हउँ जउन मोर बात सुनत ह अउर ओह पइ बिसवास करत ह जउन ओका भेजे अहइ, तउ उ अनन्त जीवन पावत ह। निआव क दंड ओकरे ऊपर नाहीं पड़त। उ मनई मृत्यु स जीवन मँ प्रवेस पाइ जात ह।
24ܐܡܝܢ ܐܡܝܢ ܐܡܪ ܐܢܐ ܠܟܘܢ ܕܡܢ ܕܫܡܥ ܡܠܬܝ ܘܡܗܝܡܢ ܠܡܢ ܕܫܕܪܢܝ ܐܝܬ ܠܗ ܚܝܐ ܕܠܥܠܡ ܘܠܕܝܢܐ ܠܐ ܐܬܐ ܐܠܐ ܫܢܝ ܠܗ ܡܢ ܡܘܬܐ ܠܚܝܐ ܀
25मइँ तू पचन क बतावत अहउँ कि उ समइ आवइवाला अहइ, हि?याँ तक कि आइ चुका अहइ जबहीं कि जउन मरि चुका अहइँ, परमेस्सर क पूत क बचन सुनिहइँ अउर जे ओका सुनि लेहीं उ पचे जी उठिहीं।
25ܐܡܝܢ ܐܡܝܢ ܐܡܪ ܐܢܐ ܠܟܘܢ ܕܐܬܝܐ ܫܥܬܐ ܐܦ ܗܫܐ ܐܝܬܝܗ ܐܡܬܝ ܕܡܝܬܐ ܢܫܡܥܘܢ ܩܠܗ ܕܒܪܗ ܕܐܠܗܐ ܘܗܢܘܢ ܕܫܡܥܝܢ ܢܚܘܢ ܀
26काहेकि जेहसे परमपिता जीवन क स्त्रोत अहइ, वइसे अपने पूतन क जीवन क स्त्रोत बनाए बाटइ।
26ܐܝܟܢܐ ܓܝܪ ܕܠܐܒܐ ܐܝܬ ܚܝܐ ܒܩܢܘܡܗ ܗܟܢܐ ܝܗܒ ܐܦ ܠܒܪܐ ܕܢܗܘܘܢ ܚܝܐ ܒܩܢܘܡܗ ܀
27अउर उ ओका निआव क अधिकार दिहे? अहइ। एह बरे कि उ मनई क पूत अहइ।
27ܘܐܫܠܛܗ ܕܢܗܘܐ ܥܒܕ ܐܦ ܕܝܢܐ ܀
28इ बात प अचरज करइ क जरूरत नाहीं अहइ कि उ समइ आवइवाला अहइ कि जब जउन अपनी अपनी कब्र मँ अहइ, ओकर बचन सुनिहइँ।
28ܕܒܪܗ ܗܘ ܕܝܢ ܕܐܢܫܐ ܠܐ ܬܬܕܡܪܘܢ ܒܗܕܐ ܕܐܬܝܐ ܫܥܬܐ ܐܡܬܝ ܕܟܠܗܘܢ ܐܝܠܝܢ ܕܒܩܒܪܐ ܐܢܘܢ ܢܫܡܥܘܢ ܩܠܗ ܀
29अउर बाहर आइ जइहइँ। जउन मनई नीक कारज किहे? अहइँ उ सबइ पुनरूत्थान पाइ जइहइँ। मुला जउन खराब कारज किहे अहइँ ओनका पुनरूत्थान क बाद दंड दीन्ह जाई।”
29ܘܢܦܩܘܢ ܐܝܠܝܢ ܕܥܒܕܘ ܛܒܬܐ ܠܩܝܡܬܐ ܕܚܝܐ ܘܐܝܠܝܢ ܕܥܒܕܘ ܒܝܫܬܐ ܠܩܝܡܬܐ ܕܕܝܢܐ ܀
30“मइँ खुदइ अपने आप स कछू नाहीं कइ सकित। मइँ परमेस्सर स जउन सुनित ह उहइ क आधार प निआव करित ह अउर मोर निआव ठीक अहइ काहे?कि मइँ अपने मन स कउनो नाहीं करित मुला मइँ ओकरी इच्छा स कारज करित ह जउन मोका पठएस।
30ܠܐ ܡܫܟܚ ܐܢܐ ܡܕܡ ܡܢ ܨܒܘܬ ܢܦܫܝ ܠܡܥܒܕ ܐܠܐ ܐܝܟܢܐ ܕܫܡܥ ܐܢܐ ܕܐܢ ܐܢܐ ܘܕܝܢܝ ܟܐܝܢ ܗܘ ܠܐ ܓܝܪ ܒܥܐ ܐܢܐ ܨܒܝܢܝ ܐܠܐ ܨܒܝܢܗ ܕܡܢ ܕܫܕܪܢܝ ܀
31“जदि मइँ अपनी तरफ स साच्छी देउँ तउ मोर साच्छी सच नाहीं अहइ।
31ܐܢ ܐܢܐ ܡܤܗܕ ܐܢܐ ܥܠ ܢܦܫܝ ܤܗܕܘܬܝ ܠܐ ܗܘܬ ܫܪܝܪܐ ܀
32मोर ताईं साच्छी देइवाला एक ठु अउर अहइ। अउर मइँ जानित ह कि मोरी ताईं जउन साच्छी देत अहइ उ सच्ची अहइ।
32ܐܚܪܝܢ ܗܘ ܗܘ ܕܡܤܗܕ ܥܠܝ ܘܝܕܥ ܐܢܐ ܕܫܪܝܪܐ ܗܝ ܤܗܕܘܬܗ ܕܡܤܗܕ ܥܠܝ ܀
33“तू पचे लोगन क यूहन्ना क पास पठए रह्या अउर उ सच्चाई क साच्छी दिहेस।
33ܐܢܬܘܢ ܫܕܪܬܘܢ ܠܘܬ ܝܘܚܢܢ ܘܐܤܗܕ ܥܠ ܫܪܪܐ ܀
34मइँ मनई क साच्छी प भरोसा नाहीं करित मुला मइँ इ बरे कहत हउँ जइसे कि तू पचनक उद्धार होइ जाइ।
34ܐܢܐ ܕܝܢ ܠܐ ܗܘܐ ܡܢ ܒܪܢܫܐ ܢܤܒ ܐܢܐ ܤܗܕܘܬܐ ܐܠܐ ܗܠܝܢ ܐܡܪ ܐܢܐ ܕܐܢܬܘܢ ܬܚܘܢ ܀
35यूहन्ना उ दीपक क नाईं रहा जउन जलत भइ रोसनी देत हे। अउर कछू मसइ तक तू पचे उ रोसनी स फायदा लेइ चाहत रह्या।
35ܗܘ ܫܪܓܐ ܗܘܐ ܕܕܠܩ ܘܡܢܗܪ ܘܐܢܬܘܢ ܨܒܝܬܘܢ ܕܬܫܬܒܗܪܘܢ ܕܫܥܬܐ ܒܢܘܗܪܗ ܀
36“मुला मोर साच्छी यूहन्ना क साच्छी स बड़ी बाटइ, यह बदे कि परमपिता जउन कारज पूरा करइ क बरे मोका जिम्मेवारी सौंपी अहइ, मइँ उहइ कारज करत अहउँ अउर मोर कीन्ह कारज अपने आपइ इ बात क साच्छी अहइ कि परमपिता मोका पठए अहइ।
36ܠܝ ܕܝܢ ܐܝܬ ܠܝ ܤܗܕܘܬܐ ܕܪܒܐ ܡܢ ܕܝܘܚܢܢ ܥܒܕܐ ܓܝܪ ܕܝܗܒ ܠܝ ܐܒܝ ܕܐܫܠܡ ܐܢܘܢ ܗܢܘܢ ܥܒܕܐ ܕܥܒܕ ܐܢܐ ܤܗܕܝܢ ܥܠܝ ܕܐܒܐ ܫܠܚܢܝ ܀
37परमपिता जउन मोका पठए अहइ, उ खुदइ मोर साच्छी दिहे अहइ। तू पचे ओकर कउनो बचन नाहीं सुन्या अउर न तउ ओकर रूप लखे अहा।
37ܘܐܒܐ ܕܫܠܚܢܝ ܗܘ ܤܗܕ ܥܠܝ ܠܐ ܩܠܗ ܡܡܬܘܡ ܫܡܥܬܘܢ ܘܠܐ ܚܙܘܗ ܚܙܝܬܘܢ ܀
38अउर न तउ अपने अन्दर ओकर संदेस धारन करे अहा, काहेकि तू पचे जेका परमपिता भेजे अहइ, ओकरे मँ बिसवास नाहीं करता अहा।
38ܘܡܠܬܗ ܠܐ ܡܩܘܝܐ ܒܟܘܢ ܡܛܠ ܕܒܗܘ ܕܗܘ ܫܕܪ ܐܢܬܘܢ ܠܐ ܡܗܝܡܢܝܢ ܐܢܬܘܢ ܀
39तू पचे पवित्तर सास्तरन क धियान स पढ़त ह काहेकि तोहार इ विचार अहइ कि तोहका उहइ स अनन्त जीवन मिल जाई। मुला इ सब पवित्तर सास्तर मोर साच्छी देत हीं।
39ܒܨܘ ܟܬܒܐ ܕܒܗܘܢ ܡܤܒܪܝܢ ܐܢܬܘܢ ܕܚܝܐ ܕܠܥܠܡ ܐܝܬ ܠܟܘܢ ܘܗܢܘܢ ܤܗܕܝܢ ܥܠܝ ܀
40एतना होत भए भी तू पचे मोरे पास नाहीं आवा चाहत अहा।
40ܘܠܐ ܨܒܝܢ ܐܢܬܘܢ ܕܬܐܬܘܢ ܠܘܬܝ ܕܚܝܐ ܕܠܥܠܡ ܢܗܘܘܢ ܠܟܘܢ ܀
41“मइँ मनइयन क कीन्ह प्रसंसा प भरोसा नाहीं करित।
41ܫܘܒܚܐ ܡܢ ܒܢܝ ܐܢܫܐ ܠܐ ܢܤܒ ܐܢܐ ܀
42मुला मइँ जानित ह कि तोहार भीतर परमेस्सर क पिरेम नाहीं अहइ।
42ܐܠܐ ܝܕܥܬܟܘܢ ܕܚܘܒܗ ܕܐܠܗܐ ܠܝܬ ܒܟܘܢ ܀
43मइँ अपने परमपिता क नाउँ स आइ अहउँ तबहूँ तू पचे स्वीकार नाहीं करत अहा, अउर अगर कउनो दूसरे नाउँ स कहे आइ जाइ तउ तू ओका स्वीकार करब्या।
43ܐܢܐ ܐܬܝܬ ܒܫܡܗ ܕܐܒܝ ܘܠܐ ܡܩܒܠܝܢ ܐܢܬܘܢ ܠܝ ܘܐܢ ܐܚܪܝܢ ܢܐܬܐ ܒܫܡ ܢܦܫܗ ܠܗܘ ܬܩܒܠܘܢ ܀
44तू मोहे मँ बिसवास कइसे करि सकत ह, काहे बरे कि तू पचे एक दूसरे क प्रसंसा करत ह। तू पचे उ प्रसंसा कइँती देखबउ नाहीं करत अहा जउन केवल परमेस्सर क तरफ स आवत अहइ।
44ܐܝܟܢܐ ܡܫܟܚܝܢ ܐܢܬܘܢ ܠܡܗܝܡܢܘ ܕܫܘܒܚܐ ܚܕ ܡܢ ܚܕ ܡܩܒܠܝܢ ܐܢܬܘܢ ܘܫܘܒܚܐ ܕܡܢ ܚܕ ܐܠܗܐ ܠܐ ܒܥܝܢ ܐܢܬܘܢ ܀
45तू पचे इ तनिकउ न सोचा कि मइँ तोहका परमपिता क सामने दोखी ठहराऊब। जउन तोहका पचे क दोखी ठहराई, उ मूसा होई जेकरे ऊपर तू पचे आपन आसरा लगाए अहा।
45ܠܡܐ ܤܒܪܝܢ ܐܢܬܘܢ ܕܐܢܐ ܐܟܠ ܐܢܐ ܩܪܨܝܟܘܢ ܩܕܡ ܐܒܐ ܐܝܬܘܗܝ ܡܢ ܕܐܟܠ ܩܪܨܝܟܘܢ ܡܘܫܐ ܗܘ ܕܒܗ ܤܒܪܬܘܢ ܀
46जदि तू सबइ मूसा मँ बिसवास करत्या तउ तू मोहे मँ बिसवास करत्या काहेकि उ मोरे बारे मँ लिखे अहइ।
46ܐܠܘ ܓܝܪ ܒܡܘܫܐ ܗܝܡܢܬܘܢ ܐܦ ܒܝ ܡܗܝܡܢܝܢ ܗܘܝܬܘܢ ܡܘܫܐ ܓܝܪ ܥܠܝ ܟܬܒ ܀
47जबहीं तू ओकरे लिखे मँ बिसवास नाहीं करत अहा, तउ तू मोरे बात मँ बिसवास कइसे करब्या?”
47ܘܐܢ ܠܟܬܒܘܗܝ ܕܗܘ ܠܐ ܡܗܝܡܢܝܢ ܐܢܬܘܢ ܐܝܟܢܐ ܠܡܠܝ ܕܝܠܝ ܬܗܝܡܢܘܢ ܀