Awadhi: NT

Syriac: NT

Luke

12

1अउर फिन जब हजारन मनइयन क भारी भीड़ जुटि गइ तउ एक दुसरे क रौंदे जात रही तब ईसू पहिले आपन चेलन स कहइ लाग, “फरीसियन क खमीरे स, जउन ओनकइ कपट बा, बचा रहा।
1ܘܟܕ ܐܬܟܢܫܘ ܪܒܘܬܐ ܕܟܢܫܐ ܤܓܝܐܐ ܐܝܟܢܐ ܕܢܕܝܫܘܢ ܚܕ ܠܚܕ ܫܪܝ ܝܫܘܥ ܠܡܐܡܪ ܠܬܠܡܝܕܘܗܝ ܠܘܩܕܡ ܐܙܕܗܪܘ ܒܢܦܫܟܘܢ ܡܢ ܚܡܝܪܐ ܕܦܪܝܫܐ ܕܐܝܬܘܗܝ ܡܤܒ ܒܐܦܐ ܀
2कछू छुपा नाहीं अहइ जउन परगट नाहीं कइ दीन्ह जाइ। अइसा कछू अनजाना नाहीं अहइ जेका बतावा नाहीं दीन्ह जाइ।
2ܠܝܬ ܕܝܢ ܡܕܡ ܕܟܤܐ ܕܠܐ ܢܬܓܠܐ ܘܠܐ ܕܡܛܫܝ ܕܠܐ ܢܬܝܕܥ ܀
3एह बरे हर उ बात जेका तू अँधियारे मँ कह्या ह, उजिआरे मँ सुनी जाइ। अउर एकांत खोली मँ जउन कछू भी तू चुप्पे स कउनो क काने मँ कह्या ह, घरे क छते स ऍलान कइ दीन्ह जाइ।”
3ܟܠ ܓܝܪ ܕܒܚܫܘܟܐ ܐܡܪܬܘܢ ܒܢܗܝܪܐ ܢܫܬܡܥ ܘܡܕܡ ܕܒܬܘܢܐ ܒܐܕܢܐ ܠܚܫܬܘܢ ܥܠ ܐܓܪܐ ܢܬܟܪܙ ܀
4“मुला मोर मीतो, मइँ तोहसे कहत हउँ ओनसे जिन डेराअ जउन तोहरे तन क मारि डाइ सकत हीं अउर ओकरे पाछे अइसा कछू नाहीं अहइ जउन ओनके बस मँ होइ।
4ܐܡܪ ܐܢܐ ܠܟܘܢ ܕܝܢ ܠܪܚܡܝ ܠܐ ܬܕܚܠܘܢ ܡܢ ܐܝܠܝܢ ܕܩܛܠܝܢ ܦܓܪܐ ܘܡܢ ܒܬܪܟܢ ܠܝܬ ܠܗܘܢ ܡܕܡ ܝܬܝܪ ܠܡܥܒܕ ܀
5मइँ तोहका देखाउब कि तोहका कउनो स डेराइ चाही। ओसे (परमेस्सर) डेराअ अउर तोहका मारिके नरक मँ नावइ क सक्ती राखत ह। हाँ, मइँ तोहका बतावत हउँ, बस उहइ स डेराअ।
5ܐܚܘܝܟܘܢ ܕܝܢ ܡܢ ܡܢ ܬܕܚܠܘܢ ܡܢ ܗܘ ܕܡܢ ܒܬܪ ܕܩܛܠ ܫܠܝܛ ܠܡܪܡܝܘ ܒܓܗܢܐ ܐܝܢ ܐܡܪ ܐܢܐ ܠܟܘܢ ܕܡܢ ܗܢܐ ܕܚܠܘ ܀
6“का दुइ पइसा मँ पाँच ठु चिरइयन नाहीं बिकतिन? फिन भी परमेस्सर ओहमाँ स एक क भी नाहीं बिसरत।
6ܠܐ ܚܡܫ ܨܦܪܝܢ ܡܙܕܒܢܢ ܒܬܪܝܢ ܐܤܪܝܢ ܘܚܕܐ ܡܢܗܝܢ ܠܐ ܛܥܝܐ ܩܕܡ ܐܠܗܐ ܀
7अउर लखा तोहरे मूँड़े प क एक एक बारि तलक गना भवा अहइँ। डेराअ जिन तू बहोत सी चिरइयन स कहूँ जिआदा कीमत क अहा।”
7ܕܝܠܟܘܢ ܕܝܢ ܐܦ ܡܢܐ ܕܤܥܪܐ ܕܪܫܟܘܢ ܟܠܗܝܢ ܡܢܝܢ ܐܢܝܢ ܠܐ ܗܟܝܠ ܬܕܚܠܘܢ ܕܡܢ ܤܘܓܐܐ ܕܨܦܪܐ ܡܝܬܪܝܢ ܐܢܬܘܢ ܀
8“मुला मइँ तोहसे कहत हउँ जउन कउनो मनई सबहीं क समन्वा मोका मानत ह, मनई क पूत भी उ मनई क परमेस्सर क दूतन क समन्वा मानी।
8ܐܡܪ ܐܢܐ ܠܟܘܢ ܕܝܢ ܕܟܠ ܕܢܘܕܐ ܒܝ ܩܕܡ ܒܢܝܢܫܐ ܐܦ ܒܪܗ ܕܐܢܫܐ ܢܘܕܐ ܒܗ ܩܕܡ ܡܠܐܟܘܗܝ ܕܐܠܗܐ ܀
9मुला ज जउन मोका दुसरे क समन्वा न मानी, ओका परमेस्सर क दूतन क समन्वा इन्कार कइ दीन्ह जाइ।
9ܐܝܢܐ ܕܝܢ ܕܟܦܪ ܒܝ ܩܕܡ ܒܢܝܢܫܐ ܢܬܟܦܪ ܒܗ ܩܕܡ ܡܠܐܟܘܗܝ ܕܐܠܗܐ ܀
10“अउर हर उ मनई क तो छमा कइ दीन्ह जाइ जउन मनई क पूत क खिलाफ कउनो सब्द बोलत ह, मुला जउन पवित्तर आतिमा क बुराई करत ह, ओका छमा नाहीं कीन्ह जाइ।
10ܘܟܠ ܕܢܐܡܪ ܡܠܬܐ ܥܠ ܒܪܗ ܕܐܢܫܐ ܢܫܬܒܩ ܠܗ ܡܢ ܕܥܠ ܪܘܚܐ ܕܝܢ ܕܩܘܕܫܐ ܢܓܕܦ ܠܐ ܢܫܬܒܩ ܠܗ ܀
11“तउ जब उ पचे तोहका आराधनालय मँ, राज्य क करइवालन अउर अधिकारियन क समन्वा लइ जाइँ तउ फिकिर जिन कर्या काहे तू आपन क कइसे बचउब्या या तोहका का कछू कहे होइ।
11ܡܐ ܕܡܩܪܒܝܢ ܠܟܘܢ ܕܝܢ ܠܟܢܘܫܬܐ ܩܕܡ ܪܫܐ ܘܫܠܝܛܢܐ ܠܐ ܬܐܨܦܘܢ ܐܝܟܢܐ ܬܦܩܘܢ ܪܘܚܐ ܐܘ ܡܢܐ ܬܐܡܪܘܢ ܀
12चिंता जिन करा काहेकि पवित्तर आतिमा तोहका सिखाइ कि उ समइया तोहका का बोलइ चाही।”
12ܪܘܚܐ ܓܝܪ ܕܩܘܕܫܐ ܢܠܦܟܘܢ ܒܗܝ ܫܥܬܐ ܡܕܡ ܕܘܠܐ ܕܬܐܡܪܘܢ ܀
13फिन भीड़ मँ स ओसे कउनो कहेस, “गुरु, मोरे भइया स मोरे बाप क धन दौलत क हींसा बाँटइ बरे कहि द्या।”
13ܐܡܪ ܠܗ ܕܝܢ ܐܢܫ ܡܢ ܗܘ ܟܢܫܐ ܡܠܦܢܐ ܐܡܪ ܠܐܚܝ ܦܠܓ ܥܡܝ ܝܪܬܘܬܐ ܀
14ऍह प ईसू ओसे कहेस, “अरे भले मनई, मोका तोहरे बरे निआववाला या पंच कउन बनएस ह”
14ܝܫܘܥ ܕܝܢ ܐܡܪ ܠܗ ܓܒܪܐ ܡܢܘ ܐܩܝܡܢܝ ܥܠܝܟܘܢ ܕܝܢܐ ܘܡܦܠܓܢܐ ܀
15तउ ईसू ओनसे कहेस, “होसियारी क संग आपन क लालच स दूर राखा। काहेकि जरूरत स जिआदा धन-दौलत होइ प जिन्नगी क आधार ओकर संग्रह नाहीं होत।”
15ܘܐܡܪ ܠܬܠܡܝܕܘܗܝ ܐܙܕܗܪܘ ܡܢ ܟܠܗ ܝܥܢܘܬܐ ܡܛܠ ܕܠܐ ܗܘܐ ܒܝܬܝܪܘܬܐ ܕܢܟܤܐ ܐܝܬ ܚܝܐ ܀
16फिन उ ओनका एक दिस्टान्त कथा सुनाएस: “कउनो धनी मनई क धरती प खूब पैदावार भइ।
16ܘܐܡܪ ܡܬܠܐ ܠܘܬܗܘܢ ܓܒܪܐ ܚܕ ܥܬܝܪܐ ܐܥܠܬ ܠܗ ܐܪܥܗ ܥܠܠܬܐ ܤܓܝܐܬܐ ܀
17उ आपन मनवा मँ सोचत भवा कहइ लाग, ‘मइँ का करुँ, मोरे लगे फसिल क रखइ बरे ठउर तउ अहइ नाहीं।’
17ܘܡܬܚܫܒ ܗܘܐ ܒܢܦܫܗ ܘܐܡܪ ܡܢܐ ܐܥܒܕ ܕܠܝܬ ܠܝ ܐܝܟܐ ܕܐܚܡܘܠ ܥܠܠܬܝ ܀
18फिन उ बोला, ‘ठीक अहइ मइँ इ करब कि आपन अनाज क कोठिला गिराइके बड़का कोठा बनवाउब अउर आपन समूचा अनाज क अउर सामान हुवाँ रखब।
18ܘܐܡܪ ܗܕܐ ܐܥܒܕ ܐܤܬܘܪ ܒܝܬ ܩܦܤܝ ܘܐܒܢܐ ܘܐܘܪܒ ܐܢܘܢ ܘܐܚܡܘܠ ܬܡܢ ܟܠܗ ܥܒܘܪܝ ܘܛܒܬܝ ܀
19फिन आपन आतिमा स कहब, अरे मोर आतिमा अब बहोत स उत्तिम बस्तु, बहोत स बरिस बरे तोहरे लगे ऍकट्ठी अहइँ। घबरा जिन, खावा, पिआ अउर मउज उड़ावा!’
19ܘܐܡܪ ܠܢܦܫܝ ܢܦܫܝ ܐܝܬ ܠܟܝ ܛܒܬܐ ܤܓܝܐܬܐ ܕܤܝܡܢ ܠܫܢܝܐ ܤܓܝܐܬܐ ܐܬܬܢܝܚܝ ܐܟܘܠܝ ܐܫܬܝ ܐܬܒܤܡܝ ܀
20मुला परमेस्सर ओसे बोला, ‘अरे मूर्ख! इहइ राति मँ तोहार आतिमा तोहसे लइ लीन्ह जाइ। जउन कछू तू तइयार किहे अहा, ओका कउन लेइ?’
20ܐܡܪ ܠܗ ܕܝܢ ܐܠܗܐ ܚܤܝܪ ܪܥܝܢܐ ܒܗܢܐ ܠܠܝܐ ܢܦܫܟ ܬܒܥܝܢ ܠܗ ܡܢܟ ܘܗܠܝܢ ܕܛܝܒܬ ܠܡܢ ܢܗܘܝܢ ܀
21“लखा, उ मनई क संग भी कछू अइसा ही भवा ह, उ अपने बरे बटोरत ह मुला परमेस्सर क निगाह मँ उ धनी नाहीं।”
21ܗܟܢܐ ܗܘ ܡܢ ܕܤܐܡ ܠܗ ܤܝܡܬܐ ܘܒܐܠܗܐ ܠܐ ܥܬܝܪ ܀
22तब उ आपन चेलन स कहेस, “एह बरे मइँ तोहसे हउँ, आपन जिन्नगी क फिकिर जिन करा कि तू का पहिनब्या?
22ܘܐܡܪ ܠܬܠܡܝܕܘܗܝ ܡܛܠ ܗܢܐ ܠܟܘܢ ܐܡܪ ܐܢܐ ܠܐ ܬܐܨܦܘܢ ܠܢܦܫܟܘܢ ܡܢܐ ܬܐܟܠܘܢ ܘܠܐ ܠܦܓܪܟܘܢ ܡܢܐ ܬܠܒܫܘܢ ܀
23काहेकि जिन्नगी खइया स अउर तन ओढ़ना स जिआदा जरूरी अहइ।
23ܢܦܫܐ ܓܝܪ ܝܬܝܪܐ ܡܢ ܤܝܒܪܬܐ ܘܦܓܪܐ ܡܢ ܠܒܘܫܐ ܀
24कउअन क लखा, न उ पचइ बोवत हीं, न ही उ पचे काटत हीं। न ओनके लगे भण्डारा बा अउर न आजु अन्न क कोठिला, फिन भी परमेस्सर ओनका भोजन देत ह। तू तउ चिरइयन स केतॅना जिआदा कीमती अहा।
24ܐܬܒܩܘ ܒܢܥܒܐ ܕܠܐ ܙܪܥܝܢ ܘܠܐ ܚܨܕܝܢ ܘܠܝܬ ܠܗܘܢ ܬܘܢܐ ܘܒܝܬ ܩܦܤܐ ܘܐܠܗܐ ܡܬܪܤܐ ܠܗܘܢ ܟܡܐ ܗܟܝܠ ܐܢܬܘܢ ܝܬܝܪܝܢ ܐܢܬܘܢ ܡܢ ܦܪܚܬܐ ܀
25चिन्ता कइके, तू पचन मँ स कउन अइसा अहइ, जउन आपन उमिर मँ एक घड़ी भी अउर जोर सकत ह
25ܐܝܢܐ ܕܝܢ ܡܢܟܘܢ ܟܕ ܝܨܦ ܡܫܟܚ ܠܡܘܤܦܘ ܥܠ ܩܘܡܬܗ ܐܡܬܐ ܚܕܐ ܀
26काहेकि तू जदि छोटका काम क भी नाहीं कइ सकत्या तउ बाकी बरे काहे फिकिर करत ह
26ܐܢ ܕܝܢ ܐܦ ܠܐ ܙܥܘܪܬܐ ܡܫܟܚܝܢ ܐܢܬܘܢ ܡܢܐ ܥܠ ܫܪܟܐ ܝܨܦܝܢ ܐܢܬܘܢ ܀
27कोका बेली क लखा, उ कइसे उगत हीं? न उ सबइ मेहनत करत हीं, न कताई, फिन भी मइँ तोहसे कहत हउँ कि सुलैमान आपम समूचे धन दौलत क संग ओहमाँ स कउनो एक क नाई नाहीं सज पाएस।
27ܐܬܒܩܘ ܒܫܘܫܢܐ ܐܝܟܢܐ ܪܒܝܢ ܕܠܐ ܠܐܝܢ ܘܠܐ ܥܙܠܢ ܐܡܪ ܐܢܐ ܠܟܘܢ ܕܝܢ ܕܐܦ ܠܐ ܫܠܝܡܘܢ ܒܟܠܗ ܫܘܒܚܗ ܐܬܟܤܝ ܐܝܟ ܚܕܐ ܡܢ ܗܠܝܢ ܀
28एह बरे जब मैदान क घास क, जउन आज हिआँ बा अउर भियान ही ओका भार मँ झोंक दीन्ह जाइ, परमेस्सर अइसे ओढ़नन स सजावत ह तउ अरे ओ कम बिसवास करइया मनइयो! तोहका तउ उ केतॅना अउर जिआदा ओढ़ना पहिराइ।
28ܐܢ ܕܝܢ ܠܥܡܝܪܐ ܕܝܘܡܢܐ ܐܝܬܘܗܝ ܒܚܩܠܐ ܘܡܚܪ ܢܦܠ ܒܬܢܘܪܐ ܐܠܗܐ ܗܟܢܐ ܡܠܒܫ ܟܡܐ ܝܬܝܪ ܠܟܘܢ ܙܥܘܪܝ ܗܝܡܢܘܬܐ ܀
29अउर फिकिर जिन करा कि तू का खाब्या अउर का पीब्या। ऍनके बरे जिन सोचा।
29ܘܐܢܬܘܢ ܠܐ ܬܒܥܘܢ ܡܢܐ ܬܐܟܠܘܢ ܘܡܢܐ ܬܫܬܘܢ ܘܠܐ ܢܦܗܐ ܪܥܝܢܟܘܢ ܒܗܠܝܢ ܀
30काहेकि संसार क अउर सबहीं मनई चीजन्क क पाछे धावत अहइँ मुला तोहार परमपिता तउ जानत ही अहइ कि तोहका इ चीजन्क जरूरत अहइ।
30ܗܠܝܢ ܓܝܪ ܟܠܗܝܢ ܥܡܡܐ ܗܘ ܕܥܠܡܐ ܒܥܝܢ ܐܦ ܠܟܘܢ ܕܝܢ ܐܒܘܟܘܢ ܝܕܥ ܕܡܬܒܥܝܢ ܠܟܘܢ ܗܠܝܢ ܀
31मुला तू तउ परमेस्सर क राज्य क चिन्ता करा। इ चीजन तउ तोहका दइ दीन्ह जइहीं।
31ܒܪܡ ܒܥܘ ܡܠܟܘܬܗ ܕܐܠܗܐ ܘܗܠܝܢ ܟܠܗܝܢ ܡܬܬܘܤܦܢ ܠܟܘܢ ܀
32“हे भोली भेड़ी क झुण्ड! जिन डेराअ, काहेकि तोहार परमपिता तोहका राज्य देइ क तइयार अहइ।
32ܠܐ ܬܕܚܠ ܓܙܪܐ ܙܥܘܪܐ ܕܨܒܐ ܐܒܘܟܘܢ ܕܢܬܠ ܠܟܘܢ ܡܠܟܘܬܐ ܀
33तउ आपन धन दौलत बेंचिके धन गरीबन मँ बाँटि द्या। आपन लगे अइसी झोरी राखा जउन पुरान न होई अरथ बा कबहुँ न टूटइवाला सरगे मँ खजाना जहाँ ओह तलक कउनो चोर क पहुँच न होइ। अउर न ओका न किरवा नास कइ पावइँ।
33ܙܒܢܘ ܩܢܝܢܟܘܢ ܘܗܒܘ ܙܕܩܬܐ ܥܒܕܘ ܠܟܘܢ ܟܝܤܐ ܕܠܐ ܒܠܝܢ ܘܤܝܡܬܐ ܕܠܐ ܓܝܙܐ ܒܫܡܝܐ ܐܝܟܐ ܕܓܢܒܐ ܠܐ ܩܪܒ ܘܤܤܐ ܠܐ ܡܚܒܠ ܀
34काहेकि जहाँ तोहार खजाना अहइ, हुवँई तोहार मनवा भी रही।
34ܐܝܟܐ ܓܝܪ ܕܐܝܬܝܗ ܤܝܡܬܟܘܢ ܬܡܢ ܢܗܘܐ ܐܦ ܠܒܟܘܢ ܀
35“काम करइ क सदा तइयार रहा। अउर आपन दिया बारे रहा।
35ܢܗܘܘܢ ܐܤܝܪܝܢ ܚܨܝܟܘܢ ܘܡܢܗܪܝܢ ܫܪܓܝܟܘܢ ܀
36अउर ओ मनइयन जइसा बना जउन बियाह क भोज स लौटिके आवत आपन स्वामी क जोहत होइँ जेहसे उ जब आवइ अउर दुआर खटखटावइ तउ उ पचे फउरन खोलि सकइँ।
36ܘܗܘܘ ܕܡܝܢ ܠܐܢܫܐ ܕܡܤܟܝܢ ܠܡܪܗܘܢ ܕܐܡܬܝ ܢܦܢܐ ܡܢ ܒܝܬ ܡܫܬܘܬܐ ܕܡܐ ܕܐܬܐ ܘܢܩܫ ܡܚܕܐ ܢܦܬܚܘܢ ܠܗ ܀
37उ नउकर धन्य अहइँ जेका स्वामी वापस आइके जागत अउर तइयार पइहीं। मइँ तोहसे सच कहत हउँ कि उ भी ओनकर सेवा बरे करिहाउँ बाँधि लेइ अउर ओनका जेवाइ क पीढ़ा प जेवइं बरे बइठाई। उ आई अउर ओनका जेंवाइ।
37ܛܘܒܝܗܘܢ ܠܥܒܕܐ ܗܢܘܢ ܐܝܠܝܢ ܕܢܐܬܐ ܡܪܗܘܢ ܘܢܫܟܚ ܐܢܘܢ ܟܕ ܥܝܪܝܢ ܐܡܝܢ ܐܡܪ ܐܢܐ ܠܟܘܢ ܕܢܐܤܘܪ ܚܨܘܗܝ ܘܢܤܡܟ ܐܢܘܢ ܘܢܥܒܪ ܢܫܡܫ ܐܢܘܢ ܀
38उ चाहे आधी राति स पहिले आवइ अउर चाहे आधी राति क पाछे जदि उ ओनका तइयार पावत ह तउ उ सबइ धन्य अहइँ।
38ܘܐܢ ܒܡܛܪܬܐ ܕܬܪܬܝܢ ܐܘ ܕܬܠܬ ܢܐܬܐ ܘܢܫܟܚ ܗܟܢܐ ܛܘܒܝܗܘܢ ܠܥܒܕܐ ܗܢܘܢ ܀
39इ बात बरे निस्चित रहा कि जदि घरे क स्वामी क इ पता होइ कि चोर कउनो घड़ी आवत अहइ, तउ उ ओका आपन घरे मँ सेंध नाहीं लगावइ देइ।
39ܗܕܐ ܕܝܢ ܕܥܘ ܕܐܠܘ ܝܕܥ ܗܘܐ ܡܪܐ ܒܝܬܐ ܒܐܝܕܐ ܡܛܪܬܐ ܐܬܐ ܓܢܒܐ ܡܬܬܥܝܪ ܗܘܐ ܘܠܐ ܫܒܩ ܗܘܐ ܕܢܬܦܠܫ ܒܝܬܗ ܀
40तउ तू भी तइयार रहा काहेकि मनई क पूत अइसी घड़ी मँ आई जेका तू सोच नाहीं सकत्या।”
40ܐܦ ܐܢܬܘܢ ܗܟܝܠ ܗܘܘ ܡܛܝܒܐ ܕܒܗܝ ܫܥܬܐ ܕܠܐ ܤܒܪܝܢ ܐܢܬܘܢ ܐܬܐ ܒܪܗ ܕܐܢܫܐ ܀
41तब पतरस पूछेस, “पर्भू इ दिस्टान्त कथा तू हमरे बरे कहत अहा या सब बरे?”
41ܐܡܪ ܠܗ ܫܡܥܘܢ ܟܐܦܐ ܡܪܢ ܠܘܬܢ ܐܡܪ ܐܢܬ ܠܗ ܠܡܬܠܐ ܗܢܐ ܐܘ ܐܦ ܠܘܬ ܟܠܢܫ ܀
42ऍह प पर्भू कहेस, “तउ फिन अइसा बिसवास क जोग्ग, बुद्धिमान संरजाम अधिकारी कउन होइ जेका पर्भू आपन नउकरन क ठीक समइ प खइया क चीज देइ बरे ठहराइ?
42ܐܡܪ ܠܗ ܝܫܘܥ ܡܢܘ ܟܝ ܐܝܬ ܪܒܝܬܐ ܡܗܝܡܢܐ ܘܚܟܝܡܐ ܕܢܩܝܡܝܘܗܝ ܡܪܗ ܥܠ ܬܫܡܫܬܗ ܕܢܬܠ ܦܪܤܐ ܒܙܒܢܗ ܀
43उ नउकर धन्य अहइ जेका ओकर स्वामी जब आवइ तउ ओका वइसा ही करत पावइ।
43ܛܘܒܘܗܝ ܠܗܘ ܥܒܕܐ ܕܢܐܬܐ ܡܪܗ ܢܫܟܚܝܘܗܝ ܕܥܒܕ ܗܟܢܐ ܀
44मइँ सच कहत हउँ कि उ ओका आपन सबहिं धन दौलत क अधिकारी ठहराइ।
44ܫܪܝܪܐܝܬ ܐܡܪ ܐܢܐ ܠܟܘܢ ܕܢܩܝܡܝܘܗܝ ܥܠ ܟܠܗ ܩܢܝܢܗ ܀
45मुला उ नउकर आपन मनवा मँ सोचइ कि मोर स्वामी तउ आवइ मँ देर करत अहइ अउर उ दूसर पुरुस अउर स्त्री नउकरन क मारब पीटब सुरु कइ देइ अउर खाइ पिअइ अउर नसा मँ चूर होइ।
45ܐܢ ܕܝܢ ܢܐܡܪ ܥܒܕܐ ܗܘ ܒܠܒܗ ܕܡܪܝ ܡܘܚܪ ܠܡܐܬܐ ܘܢܫܪܐ ܠܡܡܚܐ ܠܥܒܕܐ ܘܠܐܡܗܬܐ ܕܡܪܗ ܘܢܫܪܐ ܠܡܠܥܤ ܘܠܡܫܬܐ ܘܠܡܪܘܐ ܀
46तउ उ जउकर क स्वामी अइसे दिन आइ जाइ जेका उ सोचत नाहीं। एक ठु अइसी घरी जेकरे बारे मँ निसाखातिर अहइ। फिन भी ओकर टुकरा टुकरा कइ डाइ अउर ओका न बिसवास करइयन क बीच ठउर देइ।
46ܢܐܬܐ ܡܪܗ ܕܥܒܕܐ ܗܘ ܒܝܘܡܐ ܕܠܐ ܤܒܪ ܘܒܫܥܬܐ ܕܠܐ ܝܕܥ ܘܢܦܠܓܝܘܗܝ ܘܢܤܝܡ ܡܢܬܗ ܥܡ ܗܢܘܢ ܕܠܐ ܡܗܝܡܢܝܢ ܀
47“उ नउकर जउन आपन स्वामी क इच्छा जानत ह अउर ओकरे बरे तइयार नाहीं होत या जइसा ओकर स्वामी चाहत ह, वइसहु नाहीं करत, तउ नउकर प जमिके मार परी।
47ܥܒܕܐ ܕܝܢ ܐܝܢܐ ܕܝܕܥ ܨܒܝܢܐ ܕܡܪܗ ܘܠܐ ܛܝܒ ܠܗ ܐܝܟ ܨܒܝܢܗ ܢܒܠܥ ܤܓܝܐܬܐ ܀
48मुला उ जेका आपन स्वामी क इच्छा क ग्यान नाहीं अउर कउनो अइसा काम कइ डावइ जउन मार खाइ काबिल होइ तउ उ नउकर प हल्की मार परी। काहेकि उ हर मनई स जेका बहोत जिआदा दीन्ह ग अहइ, जिआदा माँगा जाइ। उ मनई जेका ढेर सौंपा ग अहइ ओसे जिआदा ही माँगा जाइ।”
48ܗܘ ܕܝܢ ܕܠܐ ܝܕܥ ܘܥܒܕ ܡܕܡ ܕܫܘܐ ܠܡܚܘܬܐ ܢܒܠܥ ܡܚܘܬܐ ܙܥܘܪܝܬܐ ܟܠ ܓܝܪ ܕܐܬܝܗܒ ܠܗ ܤܓܝ ܤܓܝ ܢܬܬܒܥ ܡܢܗ ܘܠܗܘ ܕܐܓܥܠܘ ܠܗ ܤܓܝ ܝܬܝܪܐܝܬ ܢܬܒܥܘܢ ܒܐܝܕܗ ܀
49“मइँ धरती प एक आगी बारइ आवा हउँ मोर केतॅनी इच्छा अहइ कि उ साइद अबहुँ ताई बरि जात।
49ܢܘܪܐ ܐܬܝܬ ܕܐܪܡܐ ܒܐܪܥܐ ܘܨܒܐ ܐܢܐ ܐܠܘ ܡܢ ܟܕܘ ܚܒܬ ܀
50मोरे लगे एक बपतिस्मा अहइ जउन मोका लेब बा जब ताईं उ पूरा नाहीं होइ जात, मइँ केतॅना बियाकुल हउँ।
50ܘܡܥܡܘܕܝܬܐ ܐܝܬ ܠܝ ܕܐܥܡܕ ܘܤܓܝ ܐܠܝܨ ܐܢܐ ܥܕܡܐ ܕܬܫܬܡܠܐ ܀
51तू का सोचत बाट्या कि मइँ इ धरती प सान्ति लइ आवइ क बरे आवा हउँ? नाहीं, मइँ तोहका बतावत हउँ, मइँ अलगावइ आवा हउँ।
51ܤܒܪܝܢ ܐܢܬܘܢ ܕܫܝܢܐ ܐܬܝܬ ܕܐܪܡܐ ܒܐܪܥܐ ܐܡܪ ܐܢܐ ܠܟܘܢ ܕܠܐ ܐܠܐ ܦܠܓܘܬܐ ܀
52काहेकि अब स आगे एक घरे क पाँच आदमी एक दूसर क खिलाफ बँटि जइहीं। तीन दुइ क बिरोध मँ अउर दुइ तीन क बिरोध मँ होइ जइहीं।
52ܡܢ ܗܫܐ ܓܝܪ ܢܗܘܘܢ ܚܡܫܐ ܒܒܝܬܐ ܚܕ ܕܦܠܝܓܝܢ ܬܠܬܐ ܥܠ ܬܪܝܢ ܘܬܪܝܢ ܥܠ ܬܠܬܐ ܀
53बाप बेटवा क बिरोध मँ, अउर बेटवा बाप क बिरोध मँ, महतारी बिटिया क बिरोध मँ, अउर बिटिया महतारी क बिरोध मँ, सास दुलहिन क बिरोध मँ अउर दुलहिन सास क बिरोध मँ होइ जइहीं।”
53ܢܬܦܠܓ ܓܝܪ ܐܒܐ ܥܠ ܒܪܗ ܘܒܪܐ ܥܠ ܐܒܘܗܝ ܐܡܐ ܥܠ ܒܪܬܗ ܘܒܪܬܐ ܥܠ ܐܡܗ ܚܡܬܐ ܥܠ ܟܠܬܗ ܘܟܠܬܐ ܥܠ ܚܡܬܗ ܀
54फिन उ भीड़ स बोला, “जब तू पच्छू कइँती कउनो बदरे क उठत भइ लखत ह तउ कहि देत ह, ‘बरखा आवति अहइ।’ अउर फिन अइसा ही होत ह।
54ܘܐܡܪ ܠܟܢܫܐ ܡܐ ܕܚܙܝܬܘܢ ܥܢܢܐ ܕܕܢܚܐ ܡܢ ܡܥܪܒܐ ܡܚܕܐ ܐܡܪܝܢ ܐܢܬܘܢ ܡܛܪܐ ܐܬܐ ܘܗܘܐ ܗܟܢܐ ܀
55अउर फिन जब दखिनी हवा चलत ह, तू कहत ह, ‘गरमी पड़ी’ अउर अइसा ही होत ह।
55ܘܡܐ ܕܢܫܒܐ ܬܝܡܢܐ ܐܡܪܝܢ ܐܢܬܘܢ ܚܘܡܐ ܗܘܐ ܘܗܘܐ ܀
56अरे कपटी मनइयो! तू धरती अउर अकासे क रूपे क समझाउब तउ जानत बाट्या, फिन अइसा काहेकि इ जुग क बारे मँ समझउत्या नाहीं?”
56ܢܤܒܝ ܒܐܦܐ ܦܪܨܘܦܐ ܕܐܪܥܐ ܘܕܫܡܝܐ ܝܕܥܝܢ ܐܢܬܘܢ ܕܬܦܪܫܘܢ ܙܒܢܐ ܕܝܢ ܗܢܐ ܐܝܟܢܐ ܠܐ ܦܪܫܝܢ ܐܢܬܘܢ ܀
57“जउन नीक अहइ, ओकर फैसला करइवाला तू खुद काहे नाहीं बनत्या?
57ܠܡܢܐ ܕܝܢ ܡܢ ܢܦܫܟܘܢ ܠܐ ܕܝܢܝܢ ܐܢܬܘܢ ܩܘܫܬܐ ܀
58जब तू आपन बैरी क संग न्यायाधीस क लगे जात रहब्या तउ रास्ता मँ ही ओकरे संग समझौता करइ क जतन करया। नाहीं तउ कहूँ अइसा न होइ कि उ तोहका न्यायाधीस क लगे खैंच लइ जाइँ अउर न्यायाधीस एक अधिकारी क सौंपि देइ। अउर अधिकारी तोहका जेलि मँ धाँध देइ।
58ܡܐ ܓܝܪ ܕܐܙܠ ܐܢܬ ܥܡ ܒܥܠܕܝܢܟ ܠܘܬ ܐܪܟܘܢܐ ܥܕ ܒܐܘܪܚܐ ܐܢܬ ܗܒ ܬܐܓܘܪܬܐ ܘܬܬܦܪܩ ܡܢܗ ܕܠܡܐ ܢܘܒܠܟ ܠܘܬ ܕܝܢܐ ܘܕܝܢܐ ܢܫܠܡܟ ܠܓܒܝܐ ܘܓܒܝܐ ܢܪܡܝܟ ܒܝܬ ܐܤܝܪܐ ܀
59मइँ तोहका बतावत हउँ, तू हुवाँ स तब ताईं छूटि नाहीं पउव्या जब तलक आखिरी दमड़ी तक न चुकाइ द्या।”
59ܘܐܡܪ ܐܢܐ ܠܟ ܕܠܐ ܬܦܘܩ ܡܢ ܬܡܢ ܥܕܡܐ ܕܬܬܠ ܫܡܘܢܐ ܐܚܪܝܐ ܀