Awadhi: NT

Syriac: NT

Matthew

21

1ईसू अउर ओकर चेलन जब यरूसलेम क लगे जैतून पहाड़े क नगिचे बैतफगे पहुँच गएन।
1ܘܟܕ ܩܪܒ ܠܐܘܪܫܠܡ ܘܐܬܐ ܠܒܝܬ ܦܓܐ ܥܠ ܓܢܒ ܛܘܪܐ ܕܙܝܬܐ ܫܕܪ ܝܫܘܥ ܬܪܝܢ ܡܢ ܬܠܡܝܕܘܗܝ ܀
2तउ ईसू आपन दुइ चेलन क इ हुकुम दइके पठएस, “आपन सोझइ समन्वा क गाउँ मँ जा अउर हुवाँ जात भए ही तोहका एक गदही बाँधी मिली। ओकरे लगे ओकर बच्चा भी मिली। ओनका बाँधिके मोरे लगे लइ आवा।
2ܘܐܡܪ ܠܗܘܢ ܙܠܘ ܠܩܪܝܬܐ ܗܕܐ ܕܠܩܘܒܠܟܘܢ ܘܡܚܕܐ ܡܫܟܚܝܢ ܐܢܬܘܢ ܚܡܪܐ ܕܐܤܝܪܐ ܘܥܝܠܐ ܥܡܗ ܫܪܘ ܐܝܬܘ ܠܝ ܀
3जदि कउनो तोहसे कछू कहइ तउ ओसे कह्या, ‘पर्भू क ऍकर जरूरत अहइ। उ फउरन ही लउटाइ देई।”‘
3ܘܐܢ ܐܢܫ ܐܡܪ ܠܟܘܢ ܡܕܡ ܐܡܪܘ ܠܗ ܕܠܡܪܢ ܡܬܒܥܝܢ ܘܡܚܕܐ ܡܫܕܪ ܠܗܘܢ ܠܟܐ ܀
4अइसा यह बरे भवा कि नबी अइसा कहे रहा:
4ܗܕܐ ܕܝܢ ܕܗܘܬ ܕܢܬܡܠܐ ܡܕܡ ܕܐܬܐܡܪ ܒܝܕ ܢܒܝܐ ܕܐܡܪ ܀
5“सिय्योन क नगरी स कहि द्या, ‘देखा तोहार राजा तोहरे लगे आवत बा। उ नमनसील अहइ, अउर गदहे प सवार अहइ हाँ गदहे क बच्चा प जउन एक लादइवाला पसु क बच्चा अहइ।”‘ जकर्याह 9:9
5ܐܡܪܘ ܠܒܪܬ ܨܗܝܘܢ ܗܐ ܡܠܟܟܝ ܐܬܐ ܠܟܝ ܡܟܝܟ ܘܪܟܝܒ ܥܠ ܚܡܪܐ ܘܥܠ ܥܝܠܐ ܒܪ ܐܬܢܐ ܀
6तउ ओकर चेलन चला गएन अउ वइसा ही किहेन जइसा ओनका ईसू बताए रहा।
6ܘܐܙܠܘ ܬܠܡܝܕܐ ܘܥܒܕܘ ܐܝܟܢܐ ܕܦܩܕ ܠܗܘܢ ܝܫܘܥ ܀
7उ पचे गदही अउर ओकरे बच्चा क लइ आएन। अउर ओन प आपन ओढ़ना डार दिहन काहेकि ईसू क बइठब रहा।
7ܘܐܝܬܝܘ ܠܚܡܪܐ ܘܠܥܝܠܐ ܘܤܡܘ ܥܠ ܥܝܠܐ ܢܚܬܝܗܘܢ ܘܪܟܒ ܥܠܘܗܝ ܝܫܘܥ ܀
8बहोत मिला आपन ओढ़ना राहे मँ दसाइ दिहेन अउ दूसर मनइयन बृच्छ क टहनी काटेन अउर ओनका राहे प बिछाइ दिहन।
8ܘܤܘܓܐܐ ܕܟܢܫܐ ܡܫܘܝܢ ܗܘܘ ܡܐܢܝܗܘܢ ܒܐܘܪܚܐ ܐܚܪܢܐ ܕܝܢ ܦܤܩܝܢ ܗܘܘ ܤܘܟܐ ܡܢ ܐܝܠܢܐ ܘܪܡܝܢ ܒܐܘܪܚܐ ܀
9जउन मनई ओकरे आगे चलत रहेन अउर जउन मनई पाछे चलत रहेन, सब पुकारि क कहत रहेन: “दाऊद क पूत क होसन्ना! धन्य अहइ जउन पर्भू क नाउँ प आवत बाटइ! सरगे मँ बिराजेस परमेस्सर क होसन्ना!” भजन संहिता 118:26
9ܟܢܫܐ ܕܝܢ ܐܝܠܝܢ ܕܐܙܠܝܢ ܗܘܘ ܩܕܡܘܗܝ ܘܐܬܝܢ ܒܬܪܗ ܩܥܝܢ ܗܘܘ ܘܐܡܪܝܢ ܐܘܫܥܢܐ ܠܒܪܗ ܕܕܘܝܕ ܒܪܝܟ ܗܘ ܕܐܬܐ ܒܫܡܗ ܕܡܪܝܐ ܐܘܫܥܢܐ ܒܡܪܘܡܐ ܀
10तउ जब उ यरूसलेम मँ घुसा तब समूचा सहर मँ हड़बड़ाइ गवा। लोग पुछइ लागेन, “इ कउन अहइ?”
10ܘܟܕ ܥܠ ܠܐܘܪܫܠܡ ܐܬܬܙܝܥܬ ܟܠܗ ܡܕܝܢܬܐ ܘܐܡܪܝܢ ܗܘܘ ܡܢܘ ܗܢܐ ܀
11लोग ही जवाब देत रहेन, “इ गलील क नासरत क नबी ईसू अहइ।”
11ܟܢܫܐ ܕܝܢ ܐܡܪܝܢ ܗܘܘ ܗܢܘ ܝܫܘܥ ܢܒܝܐ ܕܡܢ ܢܨܪܬ ܕܓܠܝܠܐ ܀
12फिन ईसू मन्दिर क अहाते मँ आवा अउर उ मन्दिर क अहाते मँ जउन बेंचत बेसहत रहेन, ओन सबन क बाहेर खदेरेस। उ पइसा क लेवइया देवइया क चउकी उलटि दिहस अउ कबूतरे क दुकानदार क तखता पलटेस।
12ܘܥܠ ܝܫܘܥ ܠܗܝܟܠܐ ܕܐܠܗܐ ܘܐܦܩ ܠܟܠܗܘܢ ܕܙܒܢܝܢ ܘܡܙܒܢܝܢ ܒܗܝܟܠܐ ܘܤܚܦ ܦܬܘܪܐ ܕܡܥܪܦܢܐ ܘܟܘܪܤܘܬܐ ܕܗܢܘܢ ܕܡܙܒܢܝܢ ܝܘܢܐ ܀
13उ ओनसे कहेस, “पवित्तर सास्तरन मँ कहत बा, ‘मोर घर पराथना घर कहा जाई।’ मुला तू सबइ ऍका ‘डाकुअन क अड्डा’ बनावत अहा।”
13ܘܐܡܪ ܠܗܘܢ ܟܬܝܒ ܗܘ ܕܒܝܬܝ ܒܝܬ ܨܠܘܬܐ ܢܬܩܪܐ ܐܢܬܘܢ ܕܝܢ ܥܒܕܬܘܢܝܗܝ ܡܥܪܬܐ ܕܠܤܛܝܐ ܀
14मन्दिर मँ कछू आँधर, लँगड़ा लूला ओकरे लगे आएन। जेनका उ नीक किहेस।
14ܘܩܪܒܘ ܠܗ ܒܗܝܟܠܐ ܤܡܝܐ ܘܚܓܝܤܐ ܘܐܤܝ ܐܢܘܢ ܀
15जब मुख्ययाजकन अउर धरम सास्तिरियन ओकर अचरज कारजन क लखेन जउन उ किहे रहा अउर मन्दिर मँ गदेलन क ऊँची आवाजे मँ कहत सुनेन: “दाऊद क पूत क होसन्ना।”
15ܟܕ ܚܙܘ ܕܝܢ ܪܒܝ ܟܗܢܐ ܘܦܪܝܫܐ ܬܕܡܪܬܐ ܕܥܒܕ ܘܛܠܝܐ ܕܩܥܝܢ ܒܗܝܟܠܐ ܘܐܡܪܝܢ ܐܘܫܥܢܐ ܠܒܪܗ ܕܕܘܝܕ ܐܬܒܐܫ ܠܗܘܢ ܀
16तउ उ पचे कोहाइ गएन अउ ओसे पूछेन, “तू सुनत अहा इ सबन का कहत अहइँ?” ईसू ओनसे कहेस, “हाँ सुनत अही। का पवित्तर सास्तर मँ तू बचन नाहीं पढ़्या, ‘तू गदेलन अउर दूधमुँहन बचवन स स्तुति कराया ह।’ “
16ܘܐܡܪܝܢ ܠܗ ܫܡܥ ܐܢܬ ܡܢܐ ܐܡܪܝܢ ܗܠܝܢ ܐܡܪ ܠܗܘܢ ܝܫܘܥ ܐܝܢ ܡܢ ܡܬܘܡ ܠܐ ܩܪܝܬܘܢ ܕܡܢ ܦܘܡܐ ܕܛܠܝܐ ܘܕܝܠܘܕܐ ܬܩܢܬ ܬܫܒܘܚܬܐ ܀
17फिन उ ओनका हुवँइ तजिके यरूसलेम सहर स बाहेर बैतनिय्याह चला गवा। जहाँ उ राति बिताएस।
17ܘܫܒܩ ܐܢܘܢ ܘܢܦܩ ܠܒܪ ܡܢ ܡܕܝܢܬܐ ܠܒܝܬ ܥܢܝܐ ܘܒܬ ܬܡܢ ܀
18दूसर दिन अलख भिन्सारे जब उ सहर लउटत रहा तउ ओका भूख लागि।
18ܒܨܦܪܐ ܕܝܢ ܟܕ ܗܦܟ ܠܡܕܝܢܬܐ ܟܦܢ ܀
19रस्ता क किनारे अंजीर क बिरवा क लखेस तउ उ ओकरे नगिचे गवा, मुला ओका ओह प पातन क छोड़िके कछू नाहीं मिल सका। तब उ बिरवा स कहेस, “तोह प आगे कछू फल न लागइ।” अउर अंजीरे क बृच्छ फउरन झुराइ गवा।
19ܘܚܙܐ ܬܬܐ ܚܕܐ ܒܐܘܪܚܐ ܘܐܬܐ ܠܘܬܗ ܘܠܐ ܐܫܟܚ ܒܗ ܡܕܡ ܐܠܐ ܐܢ ܛܪܦܐ ܒܠܚܘܕ ܘܐܡܪ ܠܗ ܠܐ ܢܗܘܘܢ ܒܟܝ ܬܘܒ ܦܐܪܐ ܠܥܠܡ ܘܡܚܕܐ ܝܒܫܬ ܬܬܐ ܗܝ ܀
20जइसेन चेलन इ निहारेन तउ अचरजे मँ आइके पूछेन, “इ अंजीरे क बिरवा ऍतनी हाली कइसे झुराइ गवा?”
20ܘܚܙܘ ܬܠܡܝܕܐ ܘܬܗܪܘ ܘܐܡܪܝܢ ܐܝܟܢܐ ܒܪ ܫܥܬܗ ܝܒܫܬ ܬܬܐ ܀
21ईसू जवाब देत भवा ओन पचेन स कहेस, “मइँ तोहसे सच कहत हउँ जदि तोहरे मँ बिसवास अहइ अउ तू संदेस नाहीं करत बाट्या तउ तू न सिरिफ उ कइ सकत ह जउन मइँ अंजीरे क बृच्छ कीन्ह, मुला जदि तू इ पहाड़े स कहि द्या, ‘उठा अउर आपन क सगरे मँ बोर द्या’ तउ उहइ होइ जाई।
21ܥܢܐ ܝܫܘܥ ܘܐܡܪ ܠܗܘܢ ܐܡܝܢ ܐܡܪ ܐܢܐ ܠܟܘܢ ܕܐܢ ܬܗܘܐ ܒܟܘܢ ܗܝܡܢܘܬܐ ܘܠܐ ܬܬܦܠܓܘܢ ܠܐ ܒܠܚܘܕ ܗܕܐ ܕܬܬܐ ܬܥܒܕܘܢ ܐܠܐ ܐܦܢ ܠܛܘܪܐ ܗܢܐ ܬܐܡܪܘܢ ܕܐܫܬܩܠ ܘܦܠ ܒܝܡܐ ܬܗܘܐ ܀
22अउर पराथना करत तू जउन कछू मंगब्या, जदि तोहका बिसवास बा तउ तू पउब्या।”
22ܘܟܠ ܡܕܡ ܕܬܫܐܠܘܢ ܒܨܠܘܬܐ ܘܬܗܝܡܢܘܢ ܬܤܒܘܢ ܀
23ईसू जब जाइके मन्दिर मँ उपदेस देत रहा। मुख्ययाजकन अउर बुजुर्ग यहूदी नेतन ओसे पूछेन, “अइसी बातन क तू कउने हक स करत ह अउर इ हक तोहका कउन दिहस?”
23ܘܟܕ ܐܬܐ ܝܫܘܥ ܠܗܝܟܠܐ ܩܪܒܘ ܠܗ ܪܒܝ ܟܗܢܐ ܘܩܫܝܫܐ ܕܥܡܐ ܟܕ ܡܠܦ ܘܐܡܪܝܢ ܠܗ ܒܐܝܢܐ ܫܘܠܛܢ ܗܠܝܢ ܥܒܕ ܐܢܬ ܘܡܢܘ ܝܗܒ ܠܟ ܫܘܠܛܢܐ ܗܢܐ ܀
24जवाबे मँ ईसू ओनसे कहेस, “मइँ तोहसे भी एक सवाल पूछत हउँ, जदि तू ओकर जबाव मोका दइ द्या तउ मइँ तोहका बताइ देब कि मइँ इन बातन क कउने हक स करत हउँ।
24ܥܢܐ ܝܫܘܥ ܘܐܡܪ ܠܗܘܢ ܐܫܐܠܟܘܢ ܐܦ ܐܢܐ ܡܠܬܐ ܚܕܐ ܘܐܢ ܬܐܡܪܘܢ ܠܝ ܘܐܦ ܐܢܐ ܐܡܪ ܐܢܐ ܠܟܘܢ ܒܐܝܢܐ ܫܘܠܛܢܐ ܗܠܝܢ ܥܒܕ ܐܢܐ ܀
25बतावा यूहन्ना क बपतिस्मा कहाँ ते मिला रहा? परमेस्सर स या मनई स?” उ सबइ आपुस मँ सोच बिचारिके कहइ लागेन, “जदि हम पचेन कहत अही, ‘परमेस्सर स’ तउ इ हमसे पूछी, ‘फिन उ ओह प बिसवास काहे नाहीं करत्या?’
25ܡܥܡܘܕܝܬܗ ܕܝܘܚܢܢ ܐܝܡܟܐ ܐܝܬܝܗ ܡܢ ܫܡܝܐ ܗܝ ܐܘ ܡܢ ܒܢܝܢܫܐ ܗܢܘܢ ܕܝܢ ܡܬܪܥܝܢ ܗܘܘ ܒܢܦܫܗܘܢ ܘܐܡܪܝܢ ܕܐܢ ܢܐܡܪ ܡܢ ܫܡܝܐ ܐܡܪ ܠܢ ܘܥܠ ܡܢܐ ܠܐ ܗܝܡܢܬܘܢܝܗܝ ܀
26किन्तु जदि हम कहित ह, ‘मनई स’ तउ हमका मनइयन क डर बाटइ काहेकि उ पचे यूहन्ना क एक नबी मानत हीं।”
26ܘܕܢܐܡܪ ܡܢ ܒܢܝܢܫܐ ܕܚܠܝܢ ܐܢܚܢܢ ܡܢ ܟܢܫܐ ܟܠܗܘܢ ܓܝܪ ܐܝܟ ܢܒܝܐ ܐܚܝܕܝܢ ܗܘܘ ܠܗ ܠܝܘܚܢܢ ܀
27तउ जबावे मँ उ सबइ ईसू स कहेन, “हमका पता नाहीं।” ऍह प ईसू ओनसे बोला, “ठीक बा तउ फिन मइँ भी तोहका नाहीं बतावत हउँ कि इ बातन क मइँ कउने हक स करत हउँ।
27ܥܢܘ ܘܐܡܪܝܢ ܠܗ ܠܐ ܝܕܥܝܢܢ ܐܡܪ ܠܗܘܢ ܝܫܘܥ ܐܦ ܠܐ ܐܢܐ ܐܡܪ ܐܢܐ ܠܟܘܢ ܒܐܝܢܐ ܫܘܠܛܢܐ ܗܠܝܢ ܥܒܕ ܐܢܐ ܀
28“अच्छा बतावा तू पचे ऍकरे बारे मँ का सोचत अहा? एक मनई क दुइ बेटवा रहेन। उ बड़के क लगे गवा अउर बोला, ‘बेटवा आज मोरे अंगूर क बगिया मँ जा अउर काम करा।’
28ܡܢܐ ܕܝܢ ܡܬܚܙܐ ܠܟܘܢ ܓܒܪܐ ܚܕ ܐܝܬ ܗܘܘ ܠܗ ܒܢܝܐ ܬܪܝܢ ܘܩܪܒ ܠܘܬ ܩܕܡܝܐ ܘܐܡܪ ܠܗ ܒܪܝ ܙܠ ܝܘܡܢܐ ܦܠܘܚ ܒܟܪܡܐ ܀
29“मुला बेटवा जवाब दिहस, ‘मोर मन नाहीं बा’ मुला पाछे ओकर मन फिरि गवा अउर उ चला गवा।
29ܗܘ ܕܝܢ ܥܢܐ ܘܐܡܪ ܠܐ ܨܒܐ ܐܢܐ ܒܚܪܬܐ ܕܝܢ ܐܬܬܘܝ ܘܐܙܠ ܀
30‘फिन उ बाप दुसरे क लगे गवा अउर ओसे भी बइसे ही कहेस। जवाबे मँ बेटवा कहेस, ‘जी हाँ,’ मुला उ गवा नाहीं।
30ܘܩܪܒ ܠܘܬ ܐܚܪܢܐ ܘܐܡܪ ܠܗ ܗܟܘܬ ܗܘ ܕܝܢ ܥܢܐ ܘܐܡܪ ܐܢܐ ܡܪܝ ܘܠܐ ܐܙܠ ܀
31“बतावा इन दुइनउँ मँ स जउन बाप चाहत रहा, कउन किहेस?” यहूदी नेतन कहेन, “बड़कवा।” ईसू ओनसे कहेस, “मइँ तोहसे सच कहत हउँ। चुंगी उगहिया अउर वेस्यन परमेस्सर क राज्य मँ तोहसे पहिले जइहीं।
31ܡܢܘ ܡܢ ܗܠܝܢ ܬܪܝܗܘܢ ܥܒܕ ܨܒܝܢܐ ܕܐܒܘܗܝ ܐܡܪܝܢ ܠܗ ܗܘ ܩܕܡܝܐ ܐܡܪ ܠܗܘܢ ܝܫܘܥ ܐܡܝܢ ܐܡܪ ܐܢܐ ܠܟܘܢ ܕܡܟܤܐ ܘܙܢܝܬܐ ܩܕܡܝܢ ܠܟܘܢ ܠܡܠܟܘܬܐ ܕܐܠܗܐ ܀
32इ मइँ यह बरे कहत हउँ काहेकि बपतिस्मा देवइया यूहन्ना तोहका जिन्नगी क सही रस्ता देखॉवइ आइ अउर तू ओहमाँ बिसवास नाहीं किहा। मुला चुंगी उगहिया अउर वेस्यन ओहमाँ बिसवास किहेन। तू जब इ देख्या तउ पाछे न मन फिरावा किहा अउ न ओहे प बिसवास।
32ܐܬܐ ܓܝܪ ܠܘܬܟܘܢ ܝܘܚܢܢ ܒܐܘܪܚܐ ܕܟܐܢܘܬܐ ܘܠܐ ܗܝܡܢܬܘܢܝܗܝ ܡܟܤܐ ܕܝܢ ܘܙܢܝܬܐ ܗܝܡܢܘܗܝ ܐܢܬܘܢ ܕܝܢ ܐܦ ܠܐ ܟܕ ܚܙܝܬܘܢ ܐܬܬܘܝܬܘܢ ܒܚܪܬܐ ܕܬܗܝܡܢܘܢ ܒܗ ܀
33“एक ठु अउर दिस्टान्त कथा सुना: एक जमींदार रहा। उ अंगूरे क बगिया लगाएस। ओकरे चरिउँ कइँती बाड़ा लगाएस। फिन अंगूरे क रस निकारइ बरे कोल्हू बनवइ क एक गड़हा खोदेस अउर रखवारी बरे एक गुंबद बनवाएस। फिन ओका बटाई प दइके जात्रा प चला गवा।
33ܫܡܥܘ ܐܚܪܢܐ ܡܬܠܐ ܓܒܪܐ ܚܕ ܐܝܬ ܗܘܐ ܡܪܐ ܒܝܬܐ ܘܢܨܒ ܟܪܡܐ ܘܐܚܕܪܗ ܤܝܓܐ ܘܚܦܪ ܒܗ ܡܥܨܪܬܐ ܘܒܢܐ ܒܗ ܡܓܕܠܐ ܘܐܘܚܕܗ ܠܦܠܚܐ ܘܚܙܩ ܀
34जब अंगूरे क फसल क समइ आइ तउ बगिया क मालिक नउकरन क लगे आपन गुलामन क पठएस जेसे आपन हींसा क अंगूर लइ आवइँ।
34ܟܕ ܕܝܢ ܡܛܐ ܙܒܢܐ ܕܦܐܪܐ ܫܕܪ ܠܥܒܕܘܗܝ ܠܘܬ ܦܠܚܐ ܕܢܫܕܪܘܢ ܠܗ ܡܢ ܦܐܪܐ ܕܟܪܡܗ ܀
35“मुला किसानन ओकरे नउकरन क धइ लिहन। कउनो क पीटेन, कउने क पाथर उछारेन अउर कउनो क तउ मारि डाएन।
35ܘܐܚܕܘ ܦܠܚܐ ܠܥܒܕܘܗܝ ܘܐܝܬ ܕܡܚܐܘܗܝ ܘܐܝܬ ܕܪܓܡܘܗܝ ܘܐܝܬ ܕܩܛܠܘܗܝ ܀
36“एक दाईं फिन पहिले स अउ जिआदा नउकरन क पठएस। उ किसानन ओनके संग भी वइसा ही बर्ताव किहेन।
36ܘܬܘܒ ܫܕܪ ܐܚܪܢܐ ܥܒܕܐ ܕܤܓܝܐܝܢ ܡܢ ܩܕܡܝܐ ܘܗܟܘܬ ܥܒܕܘ ܠܗܘܢ ܀
37पाछे उ ओनके लगे आपन बेटवा क पठाएस। उ कहेस, ‘उ सबइ मोरे बेटवा क मान रखिहइँ जरूर।’
37ܐܚܪܝܬ ܕܝܢ ܫܕܪ ܠܘܬܗܘܢ ܠܒܪܗ ܟܕ ܐܡܪ ܟܒܪ ܢܒܗܬܘܢ ܡܢ ܒܪܝ ܀
38“मुला उ किसानन जब ओकरे बेटवा क देखेन तउ उ सबइ आपुस मँ कहइ लागेन, ‘इ तउ ओकर वारिस अहइ, आवा ऍका मारि डाई अउर ओकर वारिस क हक हथियाइ लेई।’
38ܦܠܚܐ ܕܝܢ ܟܕ ܚܙܐܘܗܝ ܠܒܪܐ ܐܡܪܘ ܒܝܢܬܗܘܢ ܗܢܘ ܝܪܬܐ ܬܘ ܢܩܛܠܝܘܗܝ ܘܢܐܚܘܕ ܝܪܬܘܬܗ ܀
39ऍह प उ पचे ओका धइके बगिया क बाहेर ढकेलेन अउर मार डाएन।
39ܘܐܚܕܘ ܐܦܩܘܗܝ ܠܒܪ ܡܢ ܟܪܡܐ ܘܩܛܠܘܗܝ ܀
40“तू का सोचत बाट्या हुवाँ जब अंगूरे क बगिया क मालिक आई तउ किसानन क संग का करी?”
40ܡܐ ܕܐܬܐ ܗܟܝܠ ܡܪܗ ܕܟܪܡܐ ܡܢܐ ܢܥܒܕ ܠܦܠܚܐ ܗܢܘܢ ܀
41उ यहूदी याजकन अउ नेतन ओसे कहेन, “काहेकि उ सबइ निरदयी रहेन यह बरे उ ओनका निरदयी होइके मारि डाई अउर अंगूरे क बगिया क दूसर किसानन क बटाई प दइ देइ जउन फसल आवइ प ओका ओकर हींसा देइहीं।”
41ܐܡܪܝܢ ܠܗ ܕܒܝܫ ܒܝܫ ܢܘܒܕ ܐܢܘܢ ܘܟܪܡܐ ܢܘܚܕ ܠܐܚܪܢܐ ܦܠܚܐ ܐܝܠܝܢ ܕܝܗܒܝܢ ܠܗ ܦܐܪܐ ܒܙܒܢܗܘܢ ܀
42ईसू ओनसे कहेस, “का तू सबइ पवित्तर सास्तरन क बचन कभी नाहीं पढ्या: ‘जउने पाथर क मकान क बनवइयन बेकार समझेन, उहइ कोने क सबते जिआदा महिमा क पाथर बन गवा’ ‘अइसा पर्भू क जारिये कीन्ह गवा जउन हमरी निगाह मँ अजूबा बाटइ।’ भजन संहिता 118:22-23
42ܐܡܪ ܠܗܘܢ ܝܫܘܥ ܠܐ ܡܡܬܘܡ ܩܪܝܬܘܢ ܒܟܬܒܐ ܕܟܐܦܐ ܕܐܤܠܝܘ ܒܢܝܐ ܗܝ ܗܘܬ ܠܪܫܐ ܕܙܘܝܬܐ ܡܢ ܠܘܬ ܡܪܝܐ ܗܘܬ ܗܕܐ ܘܐܝܬܝܗ ܬܕܡܘܪܬܐ ܒܥܝܢܝܢ ܀
43“एह बरे मइँ तोहसे कहत हउँ परमेस्सर क राज्य तोहसे छीन लीन्ह जाई अउर उ ओन मनइयन क दइ दीन्ह जाई जउन ओकरे राज्य क रीति स बर्ताव करिहइँ।
43ܡܛܠ ܗܢܐ ܐܡܪ ܐܢܐ ܠܟܘܢ ܕܬܫܬܩܠ ܡܢܟܘܢ ܡܠܟܘܬܐ ܕܐܠܗܐ ܘܬܬܝܗܒ ܠܥܡܐ ܕܥܒܕ ܦܐܪܐ ܀
44जउन इ चट्टाने प गिरी, चूर चूर होइ जाई अउ इ चट्टान कउनो प गिरी तउ उ ओका रउँद डाई।”
44ܘܡܢ ܕܢܦܠ ܥܠ ܟܐܦܐ ܗܕܐ ܢܬܪܥܥ ܘܟܠ ܡܢ ܕܗܝ ܬܦܠ ܥܠܘܗܝ ܬܕܪܝܘܗܝ ܀
45जब मुख्ययाजकन अउर फरीसियन ईसू क दिस्टान्त कथन क सुनेन तउ उ पचे समुझ लिहन कि उ ओनके बारे मँ कहत रहा।
45ܘܟܕ ܫܡܥܘ ܪܒܝ ܟܗܢܐ ܘܦܪܝܫܐ ܡܬܠܘܗܝ ܝܕܥܘ ܕܥܠܝܗܘܢ ܐܡܪ ܀ 46 ܘܒܥܘ ܠܡܐܚܕܗ ܘܕܚܠܘ ܡܢ ܟܢܫܐ ܡܛܠ ܕܐܝܟ ܕܠܢܒܝܐ ܐܚܝܕܝܢ ܗܘܘ ܠܗ ܀
46तउ उ सबइ ओका धरइ क जतन किहन मुला उ पचे मनइयन स डेरात रहेन काहेकि लोग ईसू क नबी मानत रहेन।
46