Awadhi: NT

Syriac: NT

Matthew

5

1ईसू जब भारी भीड़ देखेस उ एक पहाड़े प चला गवा। हुवाँ उ बैठि गवा अउर ओकर चेलन ओकरे नगिचे आएन।
1ܟܕ ܚܙܐ ܕܝܢ ܝܫܘܥ ܠܟܢܫܐ ܤܠܩ ܠܛܘܪܐ ܘܟܕ ܝܬܒ ܩܪܒܘ ܠܘܬܗ ܬܠܡܝܕܘܗܝ ܀
2तबहिं ईसू उपदेस देत भवा कहेस:
2ܘܦܬܚ ܦܘܡܗ ܘܡܠܦ ܗܘܐ ܠܗܘܢ ܘܐܡܪ ܀
3“धन्य अहइँ उ पचे जउन दीन अहइँ, काहेकि सरगे क राज्य अहइ ओनके बरे।
3ܛܘܒܝܗܘܢ ܠܡܤܟܢܐ ܒܪܘܚ ܕܕܝܠܗܘܢ ܗܝ ܡܠܟܘܬܐ ܕܫܡܝܐ ܀
4धन्य अहइँ उ सबइ जउन सोक करत हीं काहेकि परमेस्सर ओनका धीरज बँधावत ह।
4ܛܘܒܝܗܘܢ ܠܐܒܝܠܐ ܕܗܢܘܢ ܢܬܒܝܐܘܢ ܀
5धन्य अहइँ उ सबइ जउन नम्र अहइँ काहेकि इ धरती ओनही क अहइ।
5ܛܘܒܝܗܘܢ ܠܡܟܝܟܐ ܕܗܢܘܢ ܢܐܪܬܘܢ ܠܐܪܥܐ ܀
6धन्य अहइँ उ सबइ जउन नीति क बरे भूखा अउर पियासा जउन रहत ही। काहेकि परमेस्सर ओनका संतोस देइ, अउर तृप्ति देइ।
6ܛܘܒܝܗܘܢ ܠܐܝܠܝܢ ܕܟܦܢܝܢ ܘܨܗܝܢ ܠܟܐܢܘܬܐ ܕܗܢܘܢ ܢܤܒܥܘܢ ܀
7धन्य अहइँ जउन दयालु अहइँ काहेकि ओन पइ अकास स दया बरसी।
7ܛܘܒܝܗܘܢ ܠܡܪܚܡܢܐ ܕܥܠܝܗܘܢ ܢܗܘܘܢ ܪܚܡܐ ܀
8धन्य अहइँ जउन हिरदय स सुद्ध अहइँ काहेकि उ सबइ परमेस्सर क दरसन करिहीं।
8ܛܘܒܝܗܘܢ ܠܐܝܠܝܢ ܕܕܟܝܢ ܒܠܒܗܘܢ ܕܗܢܘܢ ܢܚܙܘܢ ܠܐܠܗܐ ܀
9धन्य अहइँ जउन सान्ति बरे काम काज करत हीं काहेकि उ सबइ परमेस्सर क पूत कहा जइहीं।
9ܛܘܒܝܗܘܢ ܠܥܒܕܝ ܫܠܡܐ ܕܒܢܘܗܝ ܕܐܠܗܐ ܢܬܩܪܘܢ ܀
10धन्य अहइँ जउन धर्म क कारण सतावा जात हीं काहेकि सरगे क राज्य ओनही क अहइ।
10ܛܘܒܝܗܘܢ ܠܐܝܠܝܢ ܕܐܬܪܕܦܘ ܡܛܠ ܟܐܢܘܬܐ ܕܕܝܠܗܘܢ ܗܝ ܡܠܟܘܬܐ ܕܫܡܝܐ ܀
11“अउर तू पचे धन्य अहा काहेकि जब लोग तोहका पचन्क बेज्जत करइँ, तोहका पचन्क सतावइँ अउर मोरे बरे तोहरे खिलाफ सब प्रकार क झूठी बातन कहइँ बस एह बरे तू सबइ मोर मनवइया अहा।
11ܛܘܒܝܟܘܢ ܐܡܬܝ ܕܡܚܤܕܝܢ ܠܟܘܢ ܘܪܕܦܝܢ ܠܟܘܢ ܘܐܡܪܝܢ ܥܠܝܟܘܢ ܟܠ ܡܠܐ ܒܝܫܐ ܡܛܠܬܝ ܒܕܓܠܘܬܐ ܀
12तब तू सबइ खुस रह्या, आनन्द मँ रह्या, काहेकि सरगे मँ तोहका पचन्क एकरे बरे अच्छा होई। इ वइसे ही बाटइ जइसे तोहरे पहिले क नबियन क मनइयन सताएन ह।
12ܗܝܕܝܢ ܚܕܘ ܘܪܘܙܘ ܕܐܓܪܟܘܢ ܤܓܝ ܒܫܡܝܐ ܗܟܢܐ ܓܝܪ ܪܕܦܘ ܠܢܒܝܐ ܕܡܢ ܩܕܡܝܟܘܢ ܀
13“तू सबइ समुच्चइ मानवता बरे नमक अहा। मुला जदि नोन नोनखार न होइ तउ ओका फिन नोन कइसे बनाइ जाइ सकत ह। उ फिन कउनो कामे क न रही। सिरिफ एह बरे कि ओका मनई क गोड़वा तले फेंक दीन्ह जाइ।
13ܐܢܬܘܢ ܐܢܘܢ ܡܠܚܗ ܕܐܪܥܐ ܐܢܗܘ ܕܝܢ ܕܡܠܚܐ ܬܦܟܗ ܒܡܢܐ ܬܬܡܠܚ ܠܡܕܡ ܠܐ ܐܙܠܐ ܐܠܐ ܕܬܫܬܕܐ ܠܒܪ ܘܬܬܕܝܫ ܡܢ ܐܢܫܐ ܀
14“तू संसार क प्रकास अहा। एक ठु अइसा सहर जउन पहाड़े क चोटी प बसा अहइ, उ छिपाए स छिप नाहीं सकत।
14ܐܢܬܘܢ ܐܢܘܢ ܢܘܗܪܗ ܕܥܠܡܐ ܠܐ ܡܫܟܚܐ ܕܬܛܫܐ ܡܕܝܢܬܐ ܕܥܠ ܛܘܪܐ ܒܢܝܐ ܀
15लोग दिया बारि के ओका बाल्टी तले नाहीं रखतेन मुला ओका डीबट प धइ देत हीं। अउर उ घरे क सब मनइयन क प्रकास देत ह।
15ܘܠܐ ܡܢܗܪܝܢ ܫܪܓܐ ܘܤܝܡܝܢ ܠܗ ܬܚܝܬ ܤܐܬܐ ܐܠܐ ܥܠ ܡܢܪܬܐ ܘܡܢܗܪ ܠܟܠ ܐܝܠܝܢ ܕܒܒܝܬܐ ܐܢܘܢ ܀
16मनई क समन्वा तोहार प्रकास अइसा चमकइ कि उ पचे तोहरे नीक कामन्क निहारइँ अउर सरगे मँ बइठा भवा तोहरे परमपिता महिमा बखानइ।”
16ܗܟܢܐ ܢܢܗܪ ܢܘܗܪܟܘܢ ܩܕܡ ܒܢܝܢܫܐ ܕܢܚܙܘܢ ܥܒܕܝܟܘܢ ܛܒܐ ܘܢܫܒܚܘܢ ܠܐܒܘܟܘܢ ܕܒܫܡܝܐ ܀
17“इ जिन सोचा कि मइँ मूसा क व्यवस्था या नबियन क लिखा भवा क नस्ट करइ आइ हउँ। मइँ ओन सबन्क नस्ट करइ नाहीं आइ हउँ मुला ओनके पूरा पूरा अरथ क समझावइ आइ अहउँ।
17ܠܐ ܬܤܒܪܘܢ ܕܐܬܝܬ ܕܐܫܪܐ ܢܡܘܤܐ ܐܘ ܢܒܝܐ ܠܐ ܐܬܝܬ ܕܐܫܪܐ ܐܠܐ ܕܐܡܠܐ ܀
18मइँ तोहसे सच कहत हउँ कि जब ताईं। इ धरती अउर अकास नस्ट नाहीं होइ जातेन, व्यवस्था क एक एक सब्द अउर एक एक अच्छर बना रही, उ तब ताईं बना रही जब ताईं उ पूरा नाहीं होइ जात।
18ܐܡܝܢ ܓܝܪ ܐܡܪ ܐܢܐ ܠܟܘܢ ܕܥܕܡܐ ܕܢܥܒܪܘܢ ܫܡܝܐ ܘܐܪܥܐ ܝܘܕ ܚܕܐ ܐܘ ܚܕ ܤܪܛܐ ܠܐ ܢܥܒܪ ܡܢ ܢܡܘܤܐ ܥܕܡܐ ܕܟܠ ܢܗܘܐ ܀
19एह बरे जउन एन हुकुमन स इ छोटवार स छोटवार हुकुमन क तोड़त ह अउर लोगन्क वइसा ही करइ सिखावत ह, उ सरगे क राज्य मँ कउनो का बड़कई न पाई। मुला जउन ओह पइ चलत ह अउ दूसरन मनइनयन क ओनपइ चलइ क उपदेस देत ह, उ सरगे क राज्य मँ बड़क्का समुझा जाई।
19ܟܠ ܡܢ ܗܟܝܠ ܕܢܫܪܐ ܚܕ ܡܢ ܦܘܩܕܢܐ ܗܠܝܢ ܙܥܘܪܐ ܘܢܠܦ ܗܟܢܐ ܠܒܢܝܢܫܐ ܒܨܝܪܐ ܢܬܩܪܐ ܒܡܠܟܘܬܐ ܕܫܡܝܐ ܟܠ ܕܝܢ ܕܢܥܒܕ ܘܢܠܦ ܗܢܐ ܪܒܐ ܢܬܩܪܐ ܒܡܠܟܘܬܐ ܕܫܡܝܐ ܀
20मइँ तोहसे सच कहत हउँ कि जब ताईं तू पचे धरमसास्तिरयन अउर फरीसियन क धरम मानइ स अगवा जिन जा, कि तू सरगे क राज्य मँ घुसइ न पउब्या।
20ܐܡܪ ܐܢܐ ܠܟܘܢ ܓܝܪ ܕܐܠܐ ܬܐܬܪ ܟܐܢܘܬܟܘܢ ܝܬܝܪ ܡܢ ܕܤܦܪܐ ܘܦܪܝܫܐ ܠܐ ܬܥܠܘܢ ܠܡܠܟܘܬܐ ܕܫܡܝܐ ܀
21“तू पचे सुन चुक्या ह कि हमरे पूर्वजन स कहा गवा रहा, ‘हत्या जिन करा अउर जदि कउनो हत्या करत ह तउ ओका अदालत मँ जवाब दिहे होई।’
21ܫܡܥܬܘܢ ܕܐܬܐܡܪ ܠܩܕܡܝܐ ܠܐ ܬܩܛܘܠ ܘܟܠ ܕܢܩܛܘܠ ܡܚܝܒ ܗܘ ܠܕܝܢܐ ܀
22मुला मइँ तोहसे कहत हउँ कि जउन मनई आपन भाई प किरोध करी, ओहका भी अदालत मँ एकरे बरे जवाब दिहे होई। अउर जउन आपन भाई क बेज्जत करी ओका सबते ऊँच अदालत मँ जवाब दिहे होई। जदि कउनो आपन भाई स कहइ, ‘अरे जाहिल, मूर्ख तउ नरके क आगी क बीच ओह पइ एका जवाब दिहे होई।
22ܐܢܐ ܕܝܢ ܐܡܪ ܐܢܐ ܠܟܘܢ ܕܟܠ ܡܢ ܕܢܪܓܙ ܥܠ ܐܚܘܗܝ ܐܝܩܐ ܡܚܝܒ ܗܘ ܠܕܝܢܐ ܘܟܠ ܕܢܐܡܪ ܠܐܚܘܗܝ ܪܩܐ ܡܚܝܒ ܗܘ ܠܟܢܘܫܬܐ ܘܡܢ ܕܢܐܡܪ ܠܠܐ ܡܚܝܒ ܗܘ ܠܓܗܢܐ ܕܢܘܪܐ ܀
23“एह बरे जदि तू वेदी प आपन भेंट चढ़ावत ह अउर हुवाँ तोहका याद आइ जाइ कि तोहरे मन मँ तोहरे भाई खातिर कउनो खिलाफ बात बाटइ
23ܐܢ ܗܘ ܗܟܝܠ ܕܡܩܪܒ ܐܢܬ ܩܘܪܒܢܟ ܥܠ ܡܕܒܚܐ ܘܬܡܢ ܬܬܕܟܪ ܕܐܚܝܕ ܥܠܝܟ ܐܚܘܟ ܐܟܬܐ ܡܕܡ ܀
24तउ तू उपासना भेंट क वेदी के सामने छाँड़ि द्या अउर पहिले जाइके आपन भाई स सुलह कइ ल्या अउर फिन आइके भेंट चढ़ावा।
24ܫܒܘܩ ܬܡܢ ܩܘܪܒܢܟ ܩܕܡ ܡܕܒܚܐ ܘܙܠ ܠܘܩܕܡ ܐܬܪܥܐ ܥܡ ܐܚܘܟ ܘܗܝܕܝܢ ܬܐ ܩܪܒ ܩܘܪܒܢܟ ܀
25“जब ताईं तू मुद्दई क संग रस्ता मँ रहा, झटपट ओसे मेल कइ ल्या। कहूँ अइसा न होइ कि उ तोहका हाकिम स सौंप देइ अउर हाकिम तोहका सिपाही क। फिन तू जेल मँ धाँध दीन्ह जा।
25ܗܘܝܬ ܡܬܐܘܐ ܥܡ ܒܥܠ ܕܝܢܟ ܥܓܠ ܥܕ ܥܡܗ ܐܢܬ ܒܐܘܪܚܐ ܕܠܡܐ ܒܥܠ ܕܝܢܟ ܢܫܠܡܟ ܠܕܝܢܐ ܘܕܝܢܐ ܢܫܠܡܟ ܠܓܒܝܐ ܘܬܦܠ ܒܝܬ ܐܤܝܪܐ ܀
26मइँ तोहका सच सच बतावत हउँ कि जब तक तू पाई-पाई क हिसाब न कइ देब्या तब तलक तू जेल स न छूटि पउब्या।
26ܘܐܡܝܢ ܐܡܪ ܐܢܐ ܠܟ ܕܠܐ ܬܦܘܩ ܡܢ ܬܡܢ ܥܕܡܐ ܕܬܬܠ ܫܡܘܢܐ ܐܚܪܝܐ ܀
27“तू सुनि लिहा कि इ कहा गवा अहइ, व्यभिचार जिन करा।’
27ܫܡܥܬܘܢ ܕܐܬܐܡܪ ܕܠܐ ܬܓܘܪ ܀
28मुला मइँ तोहसे कहत हउँ कि जदि कउनो स्त्री क बुरी निगाह स देखत ह तउ उ आपन मन मँ पहिले ही ओकरे संग संभोग कइ चुका अहइ।
28ܐܢܐ ܕܝܢ ܐܡܪ ܐܢܐ ܠܟܘܢ ܕܟܠ ܡܢ ܕܚܙܐ ܐܢܬܬܐ ܐܝܟ ܕܢܪܓܝܗ ܡܚܕܐ ܓܪܗ ܒܠܒܗ ܀
29यह बरे जदि तोहार दाहिन आँख तोसे पाप करवावइ तउ ओका निकारि क फेंक द्या। काहेकि तेरे बरे इ नीक बाटइ कि तोहरे बदन क एक ठु अंग नस्ट होइ जाइ एकरे बजाय तोहार सारा बदन नरक मँ नाइ दीन्ह जाइ।
29ܐܢ ܕܝܢ ܥܝܢܟ ܕܝܡܝܢܐ ܡܟܫܠܐ ܠܟ ܚܨܝܗ ܘܫܕܝܗ ܡܢܟ ܦܩܚ ܠܟ ܓܝܪ ܕܢܐܒܕ ܚܕ ܗܕܡܟ ܘܠܐ ܟܠܗ ܦܓܪܟ ܢܦܠ ܒܓܗܢܐ ܀
30अउ जदि तोहार दाहिन हाथ तोहसे पाप करवावइ तउ ओका काटिके फेंकि डारा। काहेकि तोहरे बरे इ नीक अहइ कि तोहरे बदन क एक अंग नस्ट होइ जाइ बजाए कि तोहार समूचा बदन नरक मँ जाइ।
30ܘܐܢ ܐܝܕܟ ܕܝܡܝܢܐ ܡܟܫܠܐ ܠܟ ܦܤܘܩ ܫܕܝܗ ܡܢܟ ܦܩܚ ܠܟ ܓܝܪ ܕܢܐܒܕ ܚܕ ܡܢ ܗܕܡܝܟ ܘܠܐ ܟܠܗ ܦܓܪܟ ܢܦܠ ܒܓܗܢܐ ܀
31“कहा गवा अहइ, ‘जबहि कउनो आपन पत्नी क तलाक देत ह तउ आपन पत्नी क लिखिके तलाक देइ चाही।’
31ܐܬܐܡܪ ܕܡܢ ܕܫܪܐ ܐܢܬܬܗ ܢܬܠ ܠܗ ܟܬܒܐ ܕܕܘܠܠܐ ܀
32मुला मइँ तोहसे कहत हउँ कि हर मनई जउन आपन पत्नी क तलाक देत ह, जदि उ तलाक ओकरे व्यभिचारी करइ क कारण नाहीं दिहेस तउ जब उ पत्नी दूसरा बियाह करत ह, तउ समुझ ल्या कि उ मनई ओसे व्यभिचार करत ह। अउर जउन कउनो उ छोड़ी भई स्त्री स बियाह करत ह तउ भी व्यभिचार करत ह।
32ܐܢܐ ܕܝܢ ܐܡܪ ܐܢܐ ܠܟܘܢ ܕܟܠ ܡܢ ܕܫܪܐ ܐܢܬܬܗ ܠܒܪ ܡܢ ܡܠܬܐ ܕܙܢܝܘܬܐ ܥܒܕ ܠܗ ܕܬܓܘܪ ܘܡܢ ܕܫܩܠ ܫܒܝܩܬܐ ܓܐܪ ܀
33“तू सबइ इहउ सुन्या ह क हमरे पूर्वजन स कहा गवा रहा, ‘तू सपथ जिन तोड़ा मुला पर्भू स कीन्ह सपथन पूरा करा।’
33ܬܘܒ ܫܡܥܬܘܢ ܕܐܬܐܡܪ ܠܩܕܡܝܐ ܕܠܐ ܬܕܓܠ ܒܡܘܡܬܟ ܬܫܠܡ ܕܝܢ ܠܡܪܝܐ ܡܘܡܬܟ ܀
34मुला मइँ तू सबन स कहत हउँ सपथ जिन ल्या। सरगे क सपथ जिन खा काहेकि उ परमेस्सर क सिंहासन अहइ।’
34ܐܢܐ ܕܝܢ ܐܡܪ ܐܢܐ ܠܟܘܢ ܠܐ ܬܐܡܘܢ ܤܟ ܠܐ ܒܫܡܝܐ ܕܟܘܪܤܝܐ ܗܘ ܕܐܠܗܐ ܀
35धरती की सपथ जिन खा काहेकि उ ओकरे गोड़वा क चौकी बाटइ। यरूसलेम क सपथ जिन खा काहेकि इ महाराजाधिराजा क सहर बाटइ।
35ܘܠܐ ܒܐܪܥܐ ܕܟܘܒܫܐ ܗܝ ܕܬܚܝܬ ܪܓܠܘܗܝ ܐܦܠܐ ܒܐܘܪܝܫܠܡ ܕܡܕܝܢܬܗ ܗܝ ܕܡܠܟܐ ܪܒܐ ܀
36आपन मूँड़ क सपथ जिन खा, काहेकि तू एक ठू बारे तक द सफेद या करिया नाहीं कइ सकत्या।
36ܐܦܠܐ ܒܪܫܟ ܬܐܡܐ ܕܠܐ ܡܫܟܚ ܐܢܬ ܠܡܥܒܕ ܒܗ ܡܢܬܐ ܚܕܐ ܕܤܥܪܐ ܐܘܟܡܬܐ ܐܘ ܚܘܪܬܐ ܀
37जदि तू हाँ चाहत ह तउ सिरिफ ‘हाँ’ कहा अउर ना चाहत ह तउ सिरिफ ‘ना’। काहेकि जउन कछू ऍसे जिआदा होता अहइ उ दुस्ट (सइतान) स आवत अहइ।
37ܐܠܐ ܬܗܘܐ ܡܠܬܟܘܢ ܐܝܢ ܐܝܢ ܘܠܐ ܠܐ ܡܕܡ ܕܡܢ ܗܠܝܢ ܝܬܝܪ ܡܢ ܒܝܫܐ ܗܘ ܀
38तू पचे सुन्या ह कि कहा बाटइ, ‘आँखी क बदले आँखी अउर दाँत बदले दाँत’
38ܫܡܥܬܘܢ ܕܐܬܐܡܪ ܕܥܝܢܐ ܚܠܦ ܥܝܢܐ ܘܫܢܐ ܚܠܦ ܫܢܐ ܀
39मुला मइँ तोहसे कहत हउँ कि कउनो बुरा मनई क विरोध जिन करा। मुला कउनो तोहरे दाहिन गाले प थप्पड़ लगावइ तउ दूसर गाले क ओकरे कइँती घुमाइ द्या।
39ܐܢܐ ܕܝܢ ܐܡܪ ܐܢܐ ܠܟܘܢ ܕܠܐ ܬܩܘܡܘܢ ܠܘܩܒܠ ܒܝܫܐ ܐܠܐ ܡܢ ܕܡܚܐ ܠܟ ܥܠ ܦܟܟ ܕܝܡܝܢܐ ܐܦܢܐ ܠܗ ܐܦ ܐܚܪܢܐ ܀
40जदि कउनो तोह प मुकदमा चलाइ के तोहार कुर्ता उतरवावइ चाहइ तउ तू ओका आपन चोगा तलक दइ द्या।
40ܘܡܢ ܕܨܒܐ ܕܢܕܘܢ ܥܡܟ ܘܢܫܩܘܠ ܟܘܬܝܢܟ ܫܒܘܩ ܠܗ ܐܦ ܡܪܛܘܛܟ ܀
41जदि कउनो तोहका बेगार मँ एक मील चलावइ तउ तू ओकरे संग दुइ मील जा।
41ܡܢ ܕܡܫܚܪ ܠܟ ܡܝܠܐ ܚܕ ܙܠ ܥܡܗ ܬܪܝܢ ܀
42जदि कउनो तोसे कछू माँगइ तउ ओका उ दइ द्या। जउन तोसे उधार लेइ चाहइ, ओका मना जिन करा।
42ܡܢ ܕܫܐܠ ܠܟ ܗܒ ܠܗ ܘܡܢ ܕܨܒܐ ܕܢܐܙܦ ܡܢܟ ܠܐ ܬܟܠܝܘܗܝ ܀
43“तू पचे सुन्या ह कि कहा गा बाटइ, ‘तू आपन पड़ोसी स पिरेम करा अउर दुस्मन स घिना कर।’
43ܫܡܥܬܘܢ ܕܐܬܐܡܪ ܕܪܚܡ ܠܩܪܝܒܟ ܘܤܢܝ ܠܒܥܠܕܒܒܟ ܀
44मुला मईं कहत हउँ आपन दुस्मन स भी पिरेम करा। जउन तोहका सतावत हीं, ओनके बरे भी पराथना करा।
44ܐܢܐ ܕܝܢ ܐܡܪ ܐܢܐ ܠܟܘܢ ܐܚܒܘ ܠܒܥܠܕܒܒܝܟܘܢ ܘܒܪܟܘ ܠܡܢ ܕܠܐܛ ܠܟܘܢ ܘܥܒܕܘ ܕܫܦܝܪ ܠܡܢ ܕܤܢܐ ܠܟܘܢ ܘܨܠܘ ܥܠ ܐܝܠܝܢ ܕܕܒܪܝܢ ܠܟܘܢ ܒܩܛܝܪܐ ܘܪܕܦܝܢ ܠܟܘܢ ܀
45काहेकि सरगे मँ वसइया आपन परमपिता क संतान होइ सका। उ सूरज क प्रकास बुरा अउर भला सब पइ चमकावत ह। उ पापी अउर धर्मी सब पइ बसकाला मँ पानी बरसावत ह।
45ܐܝܟܢܐ ܕܬܗܘܘܢ ܒܢܘܗܝ ܕܐܒܘܟܘܢ ܕܒܫܡܝܐ ܗܘ ܕܡܕܢܚ ܫܡܫܗ ܥܠ ܛܒܐ ܘܥܠ ܒܝܫܐ ܘܡܚܬ ܡܛܪܗ ܥܠ ܟܐܢܐ ܘܥܠ ܥܘܠܐ ܀
46इ मइँ यह बरे कहत हउँ कि जदि तू ओनही स पिरेम करब्या जउन तोहसे पिरेम करत हीं तउ तोहका का फल मिली? का अइसा तउ चुंगी (टैक्स) क उगाहिया भी नाहीं करतेन?
46ܐܢ ܓܝܪ ܡܚܒܝܢ ܐܢܬܘܢ ܠܐܝܠܝܢ ܕܡܚܒܝܢ ܠܟܘܢ ܡܢܐ ܐܓܪܐ ܐܝܬ ܠܟܘܢ ܠܐ ܗܐ ܐܦ ܡܟܤܐ ܗܝ ܗܕܐ ܥܒܕܝܢ ܀
47जदि तू आपन मीतन क बरे नीक बाट्या तउ दूसर मनई स नीक नाहीं बाट्या। का अइसा विधर्मी भी नाहीं करतेन?
47ܘܐܢ ܫܐܠܝܢ ܐܢܬܘܢ ܒܫܠܡܐ ܕܐܚܝܟܘܢ ܒܠܚܘܕ ܡܢܐ ܝܬܝܪ ܥܒܕܝܢ ܐܢܬܘܢ ܠܐ ܗܐ ܐܦ ܡܟܤܐ ܗܝ ܗܕܐ ܥܒܕܝܢ ܀ 48 ܗܘܘ ܗܟܝܠ ܐܢܬܘܢ ܓܡܝܪܐ ܐܝܟܢܐ ܕܐܒܘܟܘܢ ܕܒܫܡܝܐ ܓܡܝܪ ܗܘ ܀
48यह बरे आपन मँ परिपूर्ण बना जइसे तोहार सरगे क परमपिता परिपूर्ण बाटइ।
48