Awadhi: NT

1 John

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1इ सोचिके देखा कि परमपिता हमका केतॅना पिरेम करत ह जइसेन कि हम पचे बेटी-बेटवा कहवावा जाइ सकी अउर वास्तव मँ उ हमहिं सब अही। इही बरे दुनिया हमका नाहीं पहिचानत, काहेकि उ मसीह क नाहीं पहिचानत।2पिआरे बन्धुअन, अब हम परमेस्सर क सन्तान अही, मुला आगे चलिके हम सब का होबै, एकर जानकारी हमका नाहीं कराई गइ अहइ। जउन कछू होइ, हम इ जानित अही कि मसीह क फिन परगट होइ प हम पचे उही क तरह होइ जाब, काहेकि उ जइसेन अहइ, हम ओका उही तरह देखब।3जउन मनई ओसे अइसी उम्मीद रखत अहइ, उ खुदक वइसे पवित्तर करत ह जइसे मसीह पवित्तर अहइ।4जउन मनई पाप करत ह, उ परमेस्सर क नियम क तोड़त ह, काहेकि नियम क तोड़ब पाप बाटइ।5तू तउ जानत अहा कि मसीह सब मनइयन क पाप क नास करइ क वास्ते प्रकट भवा अहइ। अउर इहउ बात जानत अहा कि ओहमाँ कउनो पाप नाहीं अहइ।6जउन मनई मसीह मँ रहत ही पाप मँ नाहीं रहतेन अउर जउन मनई पाप करत ही, उ न तउ ओकर दर्सन करे अहइ, अउर न तउ कबहूँ ओका जाने अहइ।7पिआरे बच्चो, तू कतहूँ ठगा न जा। जउन मनई धरम क पालन करत ह ओका धरमात्मा कहा जात ह। जइसेन कि मसीह धरमात्मा अहइ।8जउन मनई हमेसा पाप करत रहत ह, उ सइतान क अहइ काहेकि सइतान अनादिकाल स पाप करत चलत आवत अहइ। इही बरे परमेस्सर क पूत (मसीह) परगट भवा जइसेन कि उ सइतान क काम क नास कइ देइ।9जउन मनई परमेस्सर क बेटवा बन गवा, पाप मँ नाहीं रहत, काहेकि ओकर बीज तउ उही मँ रहत ह। अब उ पाप नाहीं करत काहेकि वह परमेस्सर क बेटवा बन चुका अहइ।10परमेस्सर क सन्तान कउन अहइँ? अउर सइतान क बेटवन कउन अहइँ? तू ओनका इ तरीके स जान सकत ह्या कि जउन मनई धरम प नाहीं चलत अउर अपने भाई स पिरेम नाहीं करत, उ परमेस्सर क बचवा न अहइ।11इ उपदेस तउ तू सुरूआति स सुने अहा कि हमका सबका एक दुसरे स पिरेम करइ चाही।12हमका पचे क कैन क तरह न बनइ चाही जउने क सम्बन्ध दुस्ट आतिमा स रहा अउर जे अपने भाई क हतिया कइ दिहे रहा। अब बतावा कि उ अपने भाई क काहे मार डाएस? उ अइसा इ बरे करेस, काहेकि ओकर करम खराब रहेन जबकि ओकरे भाई क करम अच्छा रहेन।13भाइयो तथा बहिनियो, जदि इ दुनिया तोहसे नफरत करत ह, तउ एहमाँ अचरज करइ क बात नाहीं अहइ ।14हमका पता अहइ कि हम मउत क पार जीवन मँ आइ पहुँचा अहइ। काहेकि हम अपने भाइयन स पिरेम करित अही। जउन मनई पिरेम नाहीं करत, उ मउत मँ बरकरार रहत ह।15जउन मनई अपने भाई स नफरत करत ह, उ हतियारा अहइ अउर तू जानत ही अहा कि जउन मनई हतियारा होत ह, उ अनन्त जीवन नाहीं रखत।16ईसू हमरे सबके खातिर आपन जीवन त्याग दिहेस। इही बरे कि हम जानित ह कि पिरेम का होत ह? हमका अपने भाइयन क बरे आपन प्रान निछावर कइ देइ चाही।17जेकरे लगे भौतिक सम्पति अहइ, अउर जे अपने भाइयन क दुःखी देखके ओकरे ऊपर दया नाहीं करत, ओहमा परमेस्सर क पिरेम अहइ, एका कइसे कहा जाइ सकत ह?18पिआरे बच्चो, हमार पिरेम केवल कथन अउर बात तक न रहइ चाही, ओका करम कइके देखावइ चाही तथा पिरेम क सच्चा होइ चाही।19[This verse may not be a part of this translation]20[This verse may not be a part of this translation]21जो पिआरे बन्धुओं, जदि बुरा काम करत समइ हमार मन हमका दोसी नाहीं ठहरावत तउ परमेस्सर क सामने हमका बिसवास बना रहत ह।22अउर जउन कछू हम ओसे मांगित ह, ओका पाइत ह। काहेकि हम ओकरे हुकुमन क अनुसार काम करत अही अउर ओनही काम करत अही जउन ओका अच्छी लागत ह। 23ओकर इ हुकुमन अहइ: हम सबे ओकरे पूत ईसू मसीह मँ बिसवास करी, जइसेन कि उ हमका पचे क हुकुम दिहे अहइ, कि हम एक दुसरे स पिरेम करी,23जउन मनई ओकरे आदेस क पालन करत ह, उ उही मँ बरकरार रहत ह अउर ओहमाँ परमेस्सर क निवास रहत ह। इ तरह स, उ आतिमा क द्वारा जेका परमेस्सर हमका दिहे अहइ, हम जानितही कि हमरे अन्दर परमेस्सर रहत ह।24[This verse may not be a part of this translation]