1मंदिर क छोड़िके ईसू जब हुवाँ स होइके जात रहा तउ ओकर चेलन ओका मँदिर क इमारत देखॉवइ ओकरे लगे आएन।
1ܘܢܦܩ ܝܫܘܥ ܡܢ ܗܝܟܠܐ ܠܡܐܙܠ ܘܩܪܒܘ ܬܠܡܝܕܘܗܝ ܡܚܘܝܢ ܗܘܘ ܠܗ ܒܢܝܢܗ ܕܗܝܟܠܐ ܀
2एह प ईसू ओनसे कहेस, “तू पचे इ इमारतन क सोझ खड़ी देखत अहा? मइँ तोहका सच सच कहत हउँ, हिआँ तलक एक पाथर प दूसर पाथर टिक नाहीं पाई। एक एक गिराइ दीन्ह जाई।”
2ܗܘ ܕܝܢ ܐܡܪ ܠܗܘܢ ܠܐ ܗܐ ܚܙܝܢ ܐܢܬܘܢ ܗܠܝܢ ܟܠܗܝܢ ܐܡܝܢ ܐܡܪ ܐܢܐ ܠܟܘܢ ܕܠܐ ܬܫܬܒܩ ܗܪܟܐ ܟܐܦ ܥܠ ܟܐܦ ܕܠܐ ܬܤܬܬܪ ܀
3ईसू जब जैतून पहाड़ प बइठा रहा तउ अकेॅल्ले मँ ओकर चेलन लगे आएन अउर बोलेन, “हमका बतावा इ कब होई? जब तू लउटि अउब्या अउर इ संसारे क अंत होई तउ कइसे संकेत परगट होइहीं?”
3ܘܟܕ ܝܬܒ ܝܫܘܥ ܥܠ ܛܘܪܐ ܕܙܝܬܐ ܩܪܒܘ ܬܠܡܝܕܘܗܝ ܘܐܡܪܝܢ ܒܝܢܝܗܘܢ ܘܠܗ ܐܡܪ ܠܢ ܐܡܬܝ ܗܠܝܢ ܢܗܘܝܢ ܘܡܢܐ ܗܝ ܐܬܐ ܕܡܐܬܝܬܟ ܘܕܫܘܠܡܗ ܕܥܠܡܐ ܀
4जवाबे मँ ईसू ओनसे कहेस, “होसियार! तू पचन क कउनो भरमाइ न पावइ।
4ܥܢܐ ܝܫܘܥ ܘܐܡܪ ܠܗܘܢ ܐܙܕܗܪܘ ܠܐ ܐܢܫ ܢܛܥܝܟܘܢ ܀
5मइँ इ यह बरे कहत हउँ कि अइसे बहोतन अहइँ जउन मोरे नाउँ स अइहीं अउर कइहीं, ‘मइँ मसीह हउँ अउर उ सबइ बहोतन क भरमइहीं।
5ܤܓܝܐܐ ܓܝܪ ܢܐܬܘܢ ܒܫܡܝ ܘܢܐܡܪܘܢ ܕܐܢܐ ܐܢܐ ܡܫܝܚܐ ܘܤܓܝܐܐ ܢܛܥܘܢ ܀
6तू सबइ नगीचे क जुद्ध क बातन या दूरि क जुद्ध क अफवाह सुनब्या पर देखा तू घबराया जिन। अइसा तउ होइ मुला अबहिं अंत नाहीं आवा अहइ।
6ܥܬܝܕܝܢ ܐܢܬܘܢ ܕܝܢ ܠܡܫܡܥ ܩܐܪܤܐ ܘܫܡܥܐ ܕܩܪܒܐ ܚܙܘ ܠܐ ܬܬܕܘܕܘܢ ܘܠܐ ܓܝܪ ܕܟܠܗܝܢ ܢܗܘܝܢ ܐܠܐ ܠܐ ܥܕܟܝܠ ܫܘܠܡܐ ܀
7हर रास्ट्र दूसर रास्ट्र क खिलाफ अउर एक राज्य दूसर राज्य क खिलाफ खड़ा होई। अकाल पड़ी। हर कतहूँ भुँइडोल आई।
7ܢܩܘܡ ܓܝܪ ܥܡܐ ܥܠ ܥܡܐ ܘܡܠܟܘܬܐ ܥܠ ܡܠܟܘܬܐ ܘܢܗܘܘܢ ܟܦܢܐ ܘܡܘܬܢܐ ܘܙܘܥܐ ܒܕܘܟܐ ܕܘܟܐ ܀
8मुला इ सब बातन उहइ तरह अहइ जइसे नवा पइदा होय क पहले की सुरुआती पीडा।
8ܗܠܝܢ ܕܝܢ ܟܠܗܝܢ ܪܫܐ ܐܢܝܢ ܕܚܒܠܐ ܀
9“उ समइ उ पचे तोहका सजा देवॉवइ बरे पकड़वइहीं अउर उ पचे तोहका मरवाइ देइहीं। काहेकि तू सबइ मोर चेलन अहा। सबहिं रास्ट्र क लोग तोहसे घिना करिहीं।
9ܗܝܕܝܢ ܢܫܠܡܘܢܟܘܢ ܠܐܘܠܨܢܐ ܘܢܩܛܠܘܢܟܘܢ ܘܬܗܘܘܢ ܤܢܝܐܝܢ ܡܢ ܟܠܗܘܢ ܥܡܡܐ ܡܛܠ ܫܡܝ ܀
10उ समइ बहोत मनइयन क मोह टूटी जाई अउर ओहहि समइ बहुत स बिसवासियन क बिसवास डिग जाई। उ पचे एक दूसर क अधिकारियन क हाथे मँ दइ देइहीं अउ आपस मँ घिना करिहीं।
10ܗܝܕܝܢ ܢܬܟܫܠܘܢ ܤܓܝܐܐ ܘܢܤܢܘܢ ܚܕ ܠܚܕ ܘܢܫܠܡܘܢ ܚܕ ܠܚܕ ܀
11बहोत स झूठे नबियन खड़ा होइ जइहीं, अउर मनइयन क ठगिहीं।
11ܘܤܓܝܐܐ ܢܒܝܐ ܕܓܠܐ ܢܩܘܡܘܢ ܘܢܛܥܘܢ ܠܤܓܝܐܐ ܀
12काहेकि बुराई क बाढ़ आइ जाए स पिरेम घटि जाई।
12ܘܡܛܠ ܤܓܝܐܘܬ ܥܘܠܐ ܢܦܘܓ ܚܘܒܐ ܕܤܓܝܐܐ ܀
13मुला जउन अंत तक टिका रही ओकर उद्धार होई।
13ܡܢ ܕܢܤܝܒܪ ܕܝܢ ܥܕܡܐ ܠܚܪܬܐ ܗܘ ܢܚܐ ܀
14सरगे क राज्य क इ सुसमाचार समूचे संसार मँ प्रचार कीन्ह जाई। ऍसे सब राजन क साच्छी रही अउर तबहीं अंत होइ जाई।
14ܘܬܬܟܪܙ ܗܕܐ ܤܒܪܬܐ ܕܡܠܟܘܬܐ ܒܟܠܗ ܥܠܡܐ ܠܤܗܕܘܬܐ ܕܟܠܗܘܢ ܥܡܡܐ ܘܗܝܕܝܢ ܢܐܬܐ ܫܘܠܡܐ ܀
15“एह बरे जबहिं तू लोग ‘खौफनाक बिनास करइवाली चीज’ क पवित्तर स्थान प खड़ा होइके देखा, जेकरे बारे मँ दानिय्येल नबी बताएन ह, (पढ़इया खुद समुझ जाई कि एकर अरथ का बाटइ।)
15ܡܐ ܕܝܢ ܕܚܙܝܬܘܢ ܐܬܐ ܛܢܦܬܐ ܕܚܘܪܒܐ ܕܐܬܐܡܪ ܒܕܢܝܐܝܠ ܢܒܝܐ ܕܩܝܡܐ ܒܕܘܟܬܐ ܩܕܝܫܬܐ ܗܘ ܕܩܪܐ ܢܤܬܟܠ ܀
16तब जउन मनई यहूदिया मँ होइँ, ओनका पहाड़े प भाग जाइ चाही।
16ܗܝܕܝܢ ܐܝܠܝܢ ܕܒܝܗܘܕ ܐܢܘܢ ܢܥܪܩܘܢ ܠܛܘܪܐ ܀
17जउन आपन घरे क छत प होईं, उ घरवा स बाहेर कछू भी लइ जाइके तर खाले न आवइँ।
17ܘܗܘ ܕܒܐܓܪܐ ܗܘ ܠܐ ܢܚܘܬ ܠܡܤܒ ܕܒܒܝܬܗ ܀
18अउ जउन बाहेर खेतन मँ काम करत होइँ, उ पाछे मुड़िके आपन ओढ़ना तक न लेइँ।
18ܘܐܝܢܐ ܕܒܚܩܠܐ ܗܘ ܠܐ ܢܬܗܦܟ ܠܒܤܬܪܗ ܠܡܤܒ ܠܒܫܗ ܀
19ओन स्त्रियन बरे जेकरे कोखे मँ गरभ होइ या जेकर लरिकन दूध पिअत होइँ, उ दिनन कस्टे क होइहीं।
19ܘܝ ܕܝܢ ܠܒܛܢܬܐ ܘܠܐܝܠܝܢ ܕܡܝܢܩܢ ܒܗܢܘܢ ܝܘܡܬܐ ܀
20पराथना करा कि तोहका जाड़े क दिनन मँ या सबित क दिन पराइ क न पड़इ।
20ܨܠܘ ܕܝܢ ܕܠܐ ܢܗܘܐ ܥܪܘܩܝܟܘܢ ܒܤܬܘܐ ܘܠܐ ܒܫܒܬܐ ܀
21उ दिनन मँ अइसी बिपत आई जइसी जबते परमेस्सर सृस्टि रचेस ह, आजु तक कबहुँ नाहीं आइ अउ न कबहुँ आई।
21ܢܗܘܐ ܓܝܪ ܗܝܕܝܢ ܐܘܠܨܢܐ ܪܒܐ ܐܝܢܐ ܕܠܐ ܗܘܐ ܡܢ ܪܫܝܬܗ ܕܥܠܡܐ ܘܥܕܡܐ ܠܗܫܐ ܘܠܐ ܢܗܘܐ ܀
22अउर जदि परमेस्सर उ दिनन क घटावइ क पक्का इरादा न कइ लिहे होत तउ कउनो भी न बच पावत किन्तु चुना भएन क कारण उ दिनन मँ कमती कइ देइ।
22ܘܐܠܘ ܠܐ ܐܬܟܪܝܘ ܝܘܡܬܐ ܗܢܘܢ ܠܐ ܚܝܐ ܗܘܐ ܟܠ ܒܤܪ ܡܛܠ ܓܒܝܐ ܕܝܢ ܢܬܟܪܘܢ ܝܘܡܬܐ ܗܢܘܢ ܀
23“उ दिनन मँ जदि कउनो तू पचन स कहइ, देखा, इ रहा मसीह या उ राह मसीह। तउ ओकर बिसवास जिन किहा।
23ܗܝܕܝܢ ܐܢ ܐܢܫ ܢܐܡܪ ܠܟܘܢ ܗܐ ܗܪܟܐ ܗܘ ܡܫܝܚܐ ܐܘ ܗܪܟܐ ܠܐ ܬܗܝܡܢܘܢ ܀
24मइँ इ कहत हउँ काहेकि कपटी मसीह अउप कपटी नबी खड़ा होइहीं अउर अइसे अचरज कारजन देखइहीं अउर अद्भुत कारजन करिहइँ कि बन पड़इ तउ चुने भएन क भी चकमा दइ देइँ।
24ܢܩܘܡܘܢ ܓܝܪ ܡܫܝܚܐ ܕܓܠܐ ܘܢܒܝܐ ܕܟܕܒܘܬܐ ܘܢܬܠܘܢ ܐܬܘܬܐ ܪܘܪܒܬܐ ܐܝܟ ܕܢܛܥܘܢ ܐܢ ܡܫܟܚܐ ܐܦ ܠܓܒܝܐ ܀
25देखा, मइँ तोहका पहिले ही चेतावनी दइ चुका अहउँ।
25ܗܐ ܩܕܡܬ ܐܡܪܬ ܠܟܘܢ ܀
26“तउ जदि उ सबइ तोहसे कहइँ, ‘देखा, मसीह जंगल मँ बा!’ फन हुवाँ जिन जाया अउर जदि उ कहइँ, ‘देखा उ पचे कोठरी मँ छुपा बाटइ! तउ ओनकइ बिसवास जिन कर्या।
26ܐܢ ܗܟܝܠ ܢܐܡܪܘܢ ܠܟܘܢ ܗܐ ܒܚܘܪܒܐ ܗܘ ܠܐ ܬܦܩܘܢ ܐܘ ܕܗܐ ܒܬܘܢܐ ܗܘ ܠܐ ܬܗܝܡܢܘܢ ܀
27मइँ इ कहत हउँ काहेकि जइसे बिजुली पुरब मँ सुरू होइके पच्छिम क अकासे तक चमक जात इ वइसे ही मनई क पूत भी परगट होई।
27ܐܝܟܢܐ ܓܝܪ ܕܒܪܩܐ ܢܦܩ ܡܢ ܡܕܢܚܐ ܘܡܬܚܙܐ ܥܕܡܐ ܠܡܥܪܒܐ ܗܟܢܐ ܬܗܘܐ ܡܐܬܝܬܗ ܕܒܪܗ ܕܐܢܫܐ ܀
28जहाँ कहूँ ल्हास होई हुआँ गिद्ध एकट्ठा होइहीं।
28ܐܝܟܐ ܕܐܢ ܢܗܘܐ ܦܓܪܐ ܬܡܢ ܢܬܟܢܫܘܢ ܢܫܪܐ ܀
29“उ दिनन जउन मुसीबत पड़ी, ओकरे फउरन बाद: ‘सूरज करिया पड़ि जाई चन्दा स चाँदनी न निकसी अकासे स तारा टुटिहीं अउ अकास मँ आसमानी सक्ति झकझोर दीन्ह जइहीं।’ यसायाह 13:10; 34:4,5
29ܡܚܕܐ ܕܝܢ ܒܬܪ ܐܘܠܨܢܐ ܕܝܘܡܬܐ ܗܢܘܢ ܫܡܫܐ ܢܚܫܟ ܘܤܗܪܐ ܠܐ ܢܚܘܐ ܢܘܗܪܗ ܘܟܘܟܒܐ ܢܦܠܘܢ ܡܢ ܫܡܝܐ ܘܚܝܠܐ ܕܫܡܝܐ ܢܬܬܙܝܥܘܢ ܀
30“उ समइ मनई क पूत क आवइ क चीन्हा अकास मँ परगट होई। तबहिं भुइयाँ प सब जातिन क मनइयन फूटि फूटि क रोइहीं अउर उ सबइ मनई क पूत क सक्ती अउर महिमा क संग सरग क बदरन मँ परगट होत देखिहीं।
30ܘܗܝܕܝܢ ܢܬܚܙܐ ܢܝܫܗ ܕܒܪܗ ܕܐܢܫܐ ܒܫܡܝܐ ܘܗܝܕܝܢ ܢܪܩܕܢ ܟܠܗܝܢ ܫܪܒܬܐ ܕܐܪܥܐ ܘܢܚܙܘܢ ܠܒܪܗ ܕܐܢܫܐ ܕܐܬܐ ܥܠ ܥܢܢܝ ܫܡܝܐ ܥܡ ܚܝܠܐ ܘܫܘܒܚܐ ܤܓܝܐܐ ܀
31उ ऊँच सुर क तुरूही क संग आपन दूतन क पठइ। फिन उ पचे सरग क एक छोर स दूसर छोर तलक सब कहूँ स आपन चुना भवा मनइयन क ऍकट्ठा करी।
31ܘܢܫܕܪ ܡܠܐܟܘܗܝ ܥܡ ܫܝܦܘܪܐ ܪܒܐ ܘܢܟܢܫܘܢ ܠܓܒܝܐ ܕܝܠܗ ܡܢ ܐܪܒܥܬ ܪܘܚܐ ܡܢ ܪܫܗܘܢ ܕܫܡܝܐ ܘܥܕܡܐ ܠܪܫܗܘܢ ܀
32“अंजीरे क बृच्छ स उपदेस ल्या। जइसे ही ओकर टहनियन सुऋुवार होइ जात हीं अउर कोंपर फूटइ लागत हीं। तू लोग जान जात ह कि गर्मी आवइ क अहइ।
32ܡܢ ܬܬܐ ܕܝܢ ܝܠܦܘ ܦܠܐܬܐ ܕܡܚܕܐ ܕܤܘܟܝܗ ܪܟܢ ܘܦܪܥܝܢ ܛܪܦܝܗ ܝܕܥܝܢ ܐܢܬܘܢ ܕܡܛܐ ܩܝܛܐ ܀
33वइसे ही जब तू इ सब घटत देख्या तउ समुझ लिहा कि उ समइ नगिचे आइ ग बाटइ, मुला ठीक दुआर तलक।
33ܗܟܢܐ ܐܦ ܐܢܬܘܢ ܡܐ ܕܚܙܝܬܘܢ ܗܠܝܢ ܟܠܗܝܢ ܕܥܘ ܕܡܛܬ ܠܗ ܠܬܪܥܐ ܀
34मइँ तू लोगन्स सच कहत हउँ कि इ पीढ़ी क खतम होइ क पहिले इ सब बातन होइ जइहीं।
34ܐܡܝܢ ܐܡܪ ܐܢܐ ܠܟܘܢ ܕܠܐ ܬܥܒܪ ܫܪܒܬܐ ܗܕܐ ܥܕܡܐ ܕܗܠܝܢ ܟܠܗܝܢ ܢܗܘܝܢ ܀
35धरती अउर अकास तउ मिट सकत हीं मुला मोर बचन कबहुँ न मिटी।”
35ܫܡܝܐ ܘܐܪܥܐ ܢܥܒܪܘܢ ܘܡܠܝ ܠܐ ܢܥܒܪܢ ܀
36“उ दिना या घड़ी क बारे मँ कउनो कछू न जानत! न सरगे क दूतन अउर न खुद पूत। सिरिफ परमपिता जानत ह।
36ܥܠ ܝܘܡܐ ܕܝܢ ܗܘ ܘܥܠ ܫܥܬܐ ܗܝ ܐܢܫ ܠܐ ܝܕܥ ܐܦܠܐ ܡܠܐܟܐ ܕܫܡܝܐ ܐܠܐ ܐܒܐ ܒܠܚܘܕ ܀
37जइसे नूह क दिना मँ भवा, वइसे ही मनई क पूत क अवाई भी होई।
37ܐܝܟܢܐ ܕܝܢ ܕܝܘܡܝ ܢܘܚ ܗܟܢܐ ܬܗܘܐ ܡܐܬܝܬܗ ܕܒܪܗ ܕܐܢܫܐ ܀
38वइसे ही जइसे मनई जल बाढ आवइ स पहिले क दिनन ताईं खात पिअत रहेन, बियाह सादी करावत रहेन जब तलक नूह नाउ प नाहीं चढ़ गवा।
38ܐܝܟܢܐ ܓܝܪ ܕܐܝܬܝܗܘܢ ܗܘܘ ܩܕܡ ܛܘܦܢܐ ܐܟܠܝܢ ܘܫܬܝܢ ܘܢܤܒܝܢ ܢܫܐ ܘܝܗܒܝܢ ܠܓܒܪܐ ܥܕܡܐ ܠܝܘܡܐ ܕܥܠ ܢܘܚ ܠܟܘܝܠܐ ܀
39ओनका तब ताईं कछू पता नाहीं लगि सका जब ताईं प्रलय नाहीं आइ गइ अउर ओन सबन क बहाइके नाहीं लइ गइ। मनई क पूत क अवाई भी अइसे ही होई।
39ܘܠܐ ܝܕܥܘ ܥܕܡܐ ܕܐܬܐ ܛܘܦܢܐ ܘܫܩܠ ܠܟܠܗܘܢ ܗܟܢܐ ܬܗܘܐ ܡܐܬܝܬܗ ܕܒܪܗ ܕܐܢܫܐ ܀
40उ समइ खेते मँ काम करत दुइ मनइयन मँ स एक क लइ लीन्ह जाई अउर एक क हुवँइ छोड़ि दीन्ह जाई।
40ܗܝܕܝܢ ܬܪܝܢ ܢܗܘܘܢ ܒܩܪܝܬܐ ܚܕ ܢܬܕܒܪ ܘܚܕ ܢܫܬܒܩ ܀
41चकरी पीसत दुइ स्त्रियन मँ एक क धइ लीन्ह जाई अउ एक हुवँइ पाछे छोड़ि दीन्ह जाई।
41ܘܬܪܬܝܢ ܢܗܘܝܢ ܛܚܢܢ ܒܪܚܝܐ ܚܕܐ ܡܬܕܒܪܐ ܘܚܕܐ ܡܫܬܒܩܐ ܀
42“तउ तू लोग होसियार रहा काहेकि तू नाहीं जनत्या कि तोहार स्वामी कब आई।
42ܐܬܬܥܝܪܘ ܗܟܝܠ ܕܠܐ ܝܕܥܝܢ ܐܢܬܘܢ ܒܐܝܕܐ ܫܥܬܐ ܐܬܐ ܡܪܟܘܢ ܀
43याद राखा अगर घरे क स्वामी जानत होत कि राति क कउनो घड़ी मँ चोर आइ जाई तउ उ जागत रहत अउर चोरे क आपन घरवा मँ सेंध नाही लगावइ देत।
43ܗܕܐ ܕܝܢ ܕܥܘ ܕܐܠܘ ܝܕܥ ܗܘܐ ܡܪܐ ܒܝܬܐ ܒܐܝܕܐ ܡܛܪܬܐ ܐܬܐ ܓܢܒܐ ܡܬܬܥܝܪ ܗܘܐ ܘܠܐ ܫܒܩ ܗܘܐ ܕܢܬܦܠܫ ܒܝܬܗ ܀
44एह बरे तू भी तइयार रहा काहेकि जब तू पचे सोच भी नाहीं रहब होब्या, मनई क पूत आइ जाई।
44ܡܛܠ ܗܢܐ ܐܦ ܐܢܬܘܢ ܗܘܘ ܡܛܝܒܝܢ ܕܒܫܥܬܐ ܕܠܐ ܤܒܪܝܢ ܐܢܬܘܢ ܢܐܬܐ ܒܪܗ ܕܐܢܫܐ ܀
45“तब सोचा उ भरोसामंद अउ समझदार सेवक कउन बाटइ, जेका स्वामी आपन घरवा क सेवक क ऊपर ठीक समइ प ओनका खइया क देइ बरे लगाएस ह।
45ܡܢܘ ܟܝ ܐܝܬܘܗܝ ܥܒܕܐ ܡܗܝܡܢܐ ܘܚܟܝܡܐ ܕܐܩܝܡܗ ܡܪܗ ܥܠ ܒܢܝ ܒܝܬܗ ܕܢܬܠ ܠܗܘܢ ܤܝܒܪܬܐ ܒܙܒܢܗ ܀
46धन्य अहइ उ सेवक जेका ओकर स्वामी जब आवत ह तउ ओका दियाभया काज करत पावत ह।
46ܛܘܒܘܗܝ ܠܥܒܕܐ ܗܘ ܕܢܐܬܐ ܡܪܗ ܢܫܟܚܝܘܗܝ ܕܥܒܕ ܗܟܢܐ ܀
47मइँ तोहसे सच कहत हउँ उ स्वामी ओका आपन समूचे धन दौलत क अधिकारी बनाईं देई।
47ܐܡܝܢ ܐܡܪ ܐܢܐ ܠܟܘܢ ܕܢܩܝܡܝܘܗܝ ܥܠ ܟܠ ܕܐܝܬ ܠܗ ܀
48दूसर कइँती सोचा एक ठु बुरा सेवक अहइ, जउन अपना मनवा मँ कहत ह मोर स्वामी बहोत दिना स लुटि क नाहीं आवत ह।
48ܐܢ ܕܝܢ ܢܐܡܪ ܥܒܕܐ ܗܘ ܒܝܫܐ ܒܠܒܗ ܕܡܪܝ ܡܘܚܪ ܠܡܐܬܐ ܀
49अइसे उ आपन संगी साथी सेवकन स मारपीट करइ लागत ह अउर सराबियन क संग खाब पिअब सुरू कइ देत ह।
49ܘܢܫܪܐ ܠܡܡܚܐ ܟܢܘܬܗ ܘܢܗܘܐ ܐܟܠ ܘܫܬܐ ܥܡ ܪܘܝܐ ܀
50तउ ओकर स्वामी अइसे दिन आइ जाई जउने दिन उ ओकरे अवाई क सोचत तलक नाहीं अउ जेकर ओका पता तलक नाहीं।
50ܢܐܬܐ ܡܪܗ ܕܥܒܕܐ ܗܘ ܒܝܘܡܐ ܕܠܐ ܤܒܪ ܘܒܫܥܬܐ ܕܠܐ ܝܕܥ ܀ 51 ܘܢܦܠܓܝܘܗܝ ܘܢܤܝܡ ܡܢܬܗ ܥܡ ܢܤܒܝ ܒܐܦܐ ܬܡܢ ܢܗܘܐ ܒܟܝܐ ܘܚܘܪܩ ܫܢܐ ܀
51अउर ओकर स्वामी ओका बुरे ढंग स सजा देई अउर कपटियन क बीचउबीच ओकर ठउर ठहराई जहाँ लोग रोवत होइहीं अउर दँतवन क किड़किड़ावत रइहीं।
51