1“उ दिन सरग का राज्य ओन दस कुँवारियन क नाईं होई जउन मसाल लइके दुलहन स भेंटइ निकरिन।
1ܗܝܕܝܢ ܬܕܡܐ ܡܠܟܘܬܐ ܕܫܡܝܐ ܠܥܤܪ ܒܬܘܠܢ ܗܢܝܢ ܕܢܤܒ ܠܡܦܕܝܗܝܢ ܘܢܦܩ ܠܐܘܪܥ ܚܬܢܐ ܘܟܠܬܐ ܀
2ओनमाँ स पाँच मूरख रहीं अउ पाँट ठु चउकस।
2ܚܡܫ ܕܝܢ ܡܢܗܝܢ ܚܟܝܡܢ ܗܘܝ ܘܚܡܫ ܤܟܠܢ ܀
3पाँच उ मूरख कुँवारियन आपन मसाल तउ थाम लिहन मुला ओनके साथे तेल नाहीं लिहन।
3ܘܗܢܝܢ ܤܟܠܬܐ ܢܤܒ ܠܡܦܕܝܗܝܢ ܘܠܐ ܢܤܒ ܥܡܗܝܢ ܡܫܚܐ ܀
4ओहँर चउकस कुँवारियन मसाले क साथ कुप्पियन मँ तेल भी लइ लिहन।
4ܗܢܝܢ ܕܝܢ ܚܟܝܡܬܐ ܢܤܒ ܡܫܚܐ ܒܡܐܢܐ ܥܡ ܠܡܦܕܝܗܝܢ ܀
5काहेकि दुलहन क अवाई मँ देर होत रही। सबहीं कुँवारियन थके स ओंघाइ लागिन अउर ओलर क सोइ गइन।
5ܟܕ ܐܘܚܪ ܕܝܢ ܚܬܢܐ ܢܡ ܟܠܗܝܢ ܘܕܡܟ ܀
6“पर आधी राति मँ धूम मच गइ। ओ हो, ‘दुलहा आवत बा। ओसे भेंटइ बाहर जा!’
6ܘܒܦܠܓܗ ܕܠܠܝܐ ܗܘܬ ܩܥܬܐ ܗܐ ܚܬܢܐ ܐܬܐ ܦܘܩܘ ܠܐܘܪܥܗ ܀
7“उहइ छिन उ सबइ कुँवारियन उठि गइन अउर आपन मसाल तइयार किहेन।
7ܗܝܕܝܢ ܩܡ ܟܠܗܝܢ ܒܬܘܠܬܐ ܗܠܝܢ ܘܬܩܢ ܠܡܦܕܝܗܝܢ ܀
8मूरख कुँवारियन चउकस कुँवारियन स कहेन, ‘हमका आपन तनिक तेल दइ द्या, हमर मसालन बुझि जात अहइँ।’
8ܐܡܪܢ ܕܝܢ ܗܢܝܢ ܤܟܠܬܐ ܠܚܟܝܡܬܐ ܗܒܝܢ ܠܢ ܡܢ ܡܫܚܟܝܢ ܕܗܐ ܕܥܟܘ ܠܗܘܢ ܠܡܦܕܝܢ ܀
9“जवाबे मँ सबइ चउकस कुँवारियन बोलिन, ‘नाहीं हम नाहीं दइ सकित। काहेकि फुन इ हमरे बरे पूर न होई अउर न तोहरे बरे। तउ तू पचे तेली क लगे जाइके आपन खातिर बेसहि ल्या।’
9ܥܢܝ ܗܠܝܢ ܚܟܝܡܬܐ ܘܐܡܪܢ ܠܡܐ ܠܐ ܢܤܦܩ ܠܢ ܘܠܟܝܢ ܐܠܐ ܙܠܝܢ ܠܘܬ ܐܝܠܝܢ ܕܡܙܒܢܝܢ ܘܙܒܢܝܢ ܠܟܝܢ ܀
10“जब उ पचे बेसहइ जात रहिन कि दुलहा आइ पहोंचा। फिन उ कुँवारियन जउन तइयार रहिन, उ सबइ ओनके संग भोजे मँ भीतर घुसिन अउर फिन कउनो फाटक बंद कइ दिहस।
10ܘܟܕ ܐܙܠ ܠܡܙܒܢ ܐܬܐ ܚܬܢܐ ܘܐܝܠܝܢ ܕܡܛܝܒܢ ܗܘܝ ܥܠ ܥܡܗ ܠܒܝܬ ܚܠܘܠܐ ܘܐܬܬܚܕ ܬܪܥܐ ܀
11“आखिर मँ उ सबइ बाकी कुँवारियन भी गइन अउर बोलिन, ‘स्वामी, हे स्वामी, दरवाजा खोलि द्या, हमका भीतर आवइ द्या।’
11ܒܚܪܬܐ ܕܝܢ ܐܬܝ ܐܦ ܗܢܝܢ ܒܬܘܠܬܐ ܐܚܪܢܝܬܐ ܘܐܡܪܢ ܡܪܢ ܡܪܢ ܦܬܚ ܠܢ ܀
12“मुला उ जबाव देत भवा कहेस, “मइँ तोहसे सच सच कहत हउँ: मइँ तोहका नाहीं जानत हउँ।’
12ܗܘ ܕܝܢ ܥܢܐ ܘܐܡܪ ܠܗܝܢ ܐܡܝܢ ܐܡܪ ܐܢܐ ܠܟܝܢ ܕܠܐ ܝܕܥ ܐܢܐ ܠܟܝܢ ܀
13“तउ होसियार रहा। काहेकि तू न उ दिना क जानत ह, न घड़ी क, जब मनई क पूत लउटी।
13ܐܬܬܥܝܪܘ ܗܟܝܠ ܕܠܐ ܝܕܥܝܢ ܐܢܬܘܢ ܠܝܘܡܐ ܗܘ ܘܠܐ ܠܫܥܬܐ ܀
14“सरग का राज्य उ मनई क नाई होई जउन जात्रा प जात भवा आपन नउकरन क बोलाइके अपने समान क रखवारा बनाएस।
14ܐܝܟ ܓܒܪܐ ܓܝܪ ܕܚܙܩ ܩܪܐ ܠܥܒܕܘܗܝ ܘܐܫܠܡ ܠܗܘܢ ܩܢܝܢܗ ܀
15उ एक क चाँदी स भरी पाँच ठु थैली दिहस। दुसरे क दुइ अउ तिसरे क एक दिहस। उ हर एक क ओकर जोग्गता होइ क मुताबिक दइके जात्रा प निकरि गवा।
15ܐܝܬ ܕܝܗܒ ܠܗ ܚܡܫ ܟܟܪܝܢ ܘܐܝܬ ܕܬܪܬܝܢ ܘܐܝܬ ܕܚܕܐ ܐܢܫ ܐܢܫ ܐܝܟ ܚܝܠܗ ܘܚܙܩ ܡܚܕܐ ܀
16जेका चाँदी क रूपया स भरी पाँच ठु थैली मिलीं, उ फउरन उ पइसे क धंधा मँ लगाइ दिहस फिन पाँच थैली अउर कमाएस।
16ܐܙܠ ܕܝܢ ܗܘ ܕܢܤܒ ܚܡܫ ܟܟܪܝܢ ܐܬܬܓܪ ܒܗܝܢ ܘܝܬܪ ܚܡܫ ܐܚܪܢܝܢ ܀
17अइसे ही जेका दुइ थैली मिलिन, उ भी दुइ अउर कमाइ लिहस।
17ܘܗܟܘܬ ܐܦ ܗܘ ܕܬܪܬܝܢ ܐܬܬܓܪ ܬܪܬܝܢ ܐܚܪܢܝܢ ܀
18मुला जेका एक मिली रही उ कहूँ जाइके भुइँया मँ गड़हा खोदेस अउर स्वामी क धने क गाड़ दिहस।
18ܗܘ ܕܝܢ ܕܢܤܒ ܚܕܐ ܐܙܠ ܚܦܪ ܒܐܪܥܐ ܘܛܫܝ ܟܤܦܐ ܕܡܪܗ ܀
19बहोत समइ बीत जाए क पाछे ओन सेवकन क स्वामी लउटि आवा अउर हर कउनो स लेखा जोखा लेइ लाग।
19ܒܬܪ ܕܝܢ ܙܒܢܐ ܤܓܝܐܐ ܐܬܐ ܡܪܗܘܢ ܕܥܒܕܐ ܗܢܘܢ ܘܢܤܒ ܡܢܗܘܢ ܚܘܫܒܢܐ ܀
20उ मनई जेका चाँदी क पाँच थैली मिलिन, आपन स्वामी क लगे गवा अउर चाँदी क पाँच अउर थैली दिहे रहा। चाँद क इ पाँच थैली अउर अहइँ जउन मइँ कमायउँ ह।’
20ܘܩܪܒ ܗܘ ܕܢܤܒ ܗܘܐ ܚܡܫ ܟܟܪܝܢ ܘܩܪܒ ܚܡܫ ܐܚܪܢܝܢ ܘܐܡܪ ܡܪܝ ܚܡܫ ܟܟܪܝܢ ܝܗܒܬ ܠܝ ܗܐ ܚܡܫ ܐܚܪܢܝܢ ܐܬܬܓܪܬ ܥܠܝܗܝܢ ܀
21‘ओकर स्वामी ओहसे कहेस, ‘साबास! तू भरोसा क बढ़िया नउकर अहा। तनिक क रकम क बारे मँ तू बिसवास क जोग्ग रह्या मइँ तोहका अउर जिआदा हक देब। भितरे जा अउर आपन स्वामी क खुसी मँ खुसी मनावा।’
21ܐܡܪ ܠܗ ܡܪܗ ܐܝܘ ܥܒܕܐ ܛܒܐ ܘܡܗܝܡܢܐ ܥܠ ܩܠܝܠ ܡܗܝܡܢ ܗܘܝܬ ܥܠ ܤܓܝ ܐܩܝܡܟ ܥܘܠ ܠܚܕܘܬܗ ܕܡܪܟ ܀
22“फिन जेका चाँदी क दुइ थैली मिली रहीं, आपन स्वामी क लगे गवा अउर बोला, ‘स्वामी तू मोका चाँदी क दुइ थैली दिहे रहा, चाँदी क इ दुइ थैली अउ अहइँ जेका मइँ कमायो ह।’
22ܘܩܪܒ ܗܘ ܕܬܪܬܝܢ ܟܟܪܘܗܝ ܘܐܡܪ ܡܪܝ ܬܪܬܝܢ ܟܟܪܝܢ ܝܗܒܬ ܠܝ ܗܐ ܬܪܬܝܢ ܐܚܪܢܝܢ ܐܬܬܓܪܬ ܥܠܝܗܝܢ ܀
23“ओकर स्वामी ओसे कहेस, ‘साबास! तू भरोसा क लायक बढ़िया नउकर अहा। तनिक रकम क बारे मँ तू बिसवास क जोग्ग रह्या। मइँ तोहका अउर जिआदा हक देब। भितरे जा अउर आपन स्वामी क खुसी मँ खुसी मनावा।’
23ܐܡܪ ܠܗ ܡܪܗ ܐܝܘ ܥܒܕܐ ܛܒܐ ܘܡܗܝܡܢܐ ܥܠ ܩܠܝܠ ܡܗܝܡܢ ܗܘܝܬ ܥܠ ܤܓܝ ܐܩܝܡܟ ܥܘܠ ܠܚܕܘܬܗ ܕܡܪܟ ܀
24“फिन उ जेका चाँदी क एक थैली मिली रही, आपन स्वामी क लगे आवा अउर बोला, ‘स्वामी, मइँ जानत हउँ तू बहोत कठोर मनई अहा। तू हुवाँ काटत ह जहाँ तू बोया नाहीं रहा, अउर जहाँ तू कउनो बिआ नाहीं छिटकाया तू हुवाँ स फसिल बटोरब्या।
24ܩܪܒ ܕܝܢ ܐܦ ܗܘ ܕܢܤܒ ܚܕܐ ܟܟܪܐ ܘܐܡܪ ܡܪܝ ܝܕܥ ܗܘܝܬ ܠܟ ܕܓܒܪܐ ܐܢܬ ܩܫܝܐ ܘܚܨܕ ܐܢܬ ܐܝܟܐ ܕܠܐ ܙܪܥܬ ܘܡܟܢܫ ܐܢܬ ܡܢ ܐܝܟܐ ܕܠܐ ܒܕܪܬ ܀
25यह बरे मइँ डेराइ गवा रहे। तउ मइँ जाइके चाँदी क थैलिया क भुइँया मँ गाड़ दीन्ह। इ लइ ल्या जउन तोहार अहइ इ बाटइ, लइ ल्या।’
25ܘܕܚܠܬ ܘܐܙܠܬ ܛܫܝܬܗ ܟܟܪܟ ܒܐܪܥܐ ܗܐ ܐܝܬ ܠܟ ܕܝܠܟ ܀
26“जवाबे मँ ओकर मालिक ओसे कहेस, ‘तू एक बुरा आलसी सेवक अहा, तू जानत ह कि मइँ बिन बोए कटनी करत हउँ, हुवाँ स फसिल बटोरत हउँ।
26ܥܢܐ ܡܪܗ ܘܐܡܪ ܠܗ ܥܒܕܐ ܒܝܫܐ ܘܚܒܢܢܐ ܝܕܥ ܗܘܝܬ ܕܚܨܕ ܐܢܐ ܐܝܟܐ ܕܠܐ ܙܪܥܬ ܘܡܟܢܫ ܐܢܐ ܡܢ ܐܝܟܐ ܕܠܐ ܒܕܪܬ ܀
27तउ तोहका मोर धन साहूकार क लगे जमा कइ देइ चाही रहा। फिन जब मइँ आइत तउ जउन मोर रहा बियाज क साथ लइ लेइत।’
27ܘܠܐ ܗܘܐ ܠܟ ܕܬܪܡܐ ܟܤܦܝ ܥܠ ܦܬܘܪܐ ܘܐܬܐ ܗܘܝܬ ܐܢܐ ܘܬܒܥ ܗܘܝܬ ܕܝܠܝ ܥܡ ܪܒܝܬܗ ܀
28“एह बरे ऍसे चाँदी क एक थैली लइ ल्या अउर जेकरे लगे चाँदी क दस थैली अहइँ, ऍका उहइ क दइ द्या।
28ܤܒܘ ܗܟܝܠ ܡܢܗ ܟܟܪܐ ܘܗܒܘܗ ܠܗܘ ܕܐܝܬ ܠܗ ܥܤܪ ܟܟܪܝܢ ܀
29काहेकि हर उ मनई जो जउन कछू ओकरे लगे रहा ओकर सही प्रयोग किहेस ओका अउ जिआदा दीन्ह जाई। अउर जेतॅनी ओका जरूरत अहइ, उ ओसे जिआदा पाई। मुला ओसे, जो जउन कछू ओकरे लगे रहा ओकर सही प्रयोग नाहीं किहेस, सब कछू ओकरे लगे रहा ओकर सही प्रयोग नाहीं किहेस, सब कछू छोर लीन्ह जाई।
29ܠܡܢ ܓܝܪ ܕܐܝܬ ܠܗ ܢܬܝܗܒ ܠܗ ܘܢܬܬܘܤܦ ܠܗ ܘܗܘ ܕܝܢ ܕܠܝܬ ܠܗ ܘܐܦ ܗܘ ܕܐܝܬ ܠܗ ܢܫܬܩܠ ܡܢܗ ܀
30तउ उ बेकार क नउकर क बाहेर अँधियरे मँ धकियाइ द्या जहाँ लोग रोइहीं अउर आपन दाँत पिसिहीं।
30ܘܠܥܒܕܐ ܒܛܝܠܐ ܐܦܩܘܗܝ ܠܚܫܘܟܐ ܒܪܝܐ ܬܡܢ ܢܗܘܐ ܒܟܝܐ ܘܚܘܪܩ ܫܢܐ ܀
31“मनई क पूत जब आपन सरगे क महिमा क संग आपन सबही दूतन क संग आपन सानदार सिंहासने प बइठी
31ܡܐ ܕܐܬܐ ܕܝܢ ܒܪܗ ܕܐܢܫܐ ܒܫܘܒܚܗ ܘܟܠܗܘܢ ܡܠܐܟܘܗܝ ܩܕܝܫܐ ܥܡܗ ܗܝܕܝܢ ܢܬܒ ܥܠ ܬܪܢܘܤ ܕܫܘܒܚܗ ܀
32तउ संसार क सबहिं लोग ओकरे समन्वा ऍकट्ठ होइ जइहीं अउर एक दूसर क वइसे ही अलगाइ देइ, जइसे एक गड़रिया आपन बोकरियन स भेड़न क अलगाइ देत ह।
32ܘܢܬܟܢܫܘܢ ܩܕܡܘܗܝ ܟܠܗܘܢ ܥܡܡܐ ܘܢܦܪܫ ܐܢܘܢ ܚܕ ܡܢ ܚܕ ܐܝܟ ܪܥܝܐ ܕܡܦܪܫ ܥܪܒܐ ܡܢ ܓܕܝܐ ܀
33उ भेड़न क दाहिन कइँती अउर बकरियन क बाई कइँती राखी।
33ܘܢܩܝܡ ܥܪܒܐ ܡܢ ܝܡܝܢܗ ܘܓܕܝܐ ܡܢ ܤܡܠܗ ܀
34फिन उ राजा, जउन ओकरे दाहिन अहइ, ओनसे कही, ‘मोरे परमपिता स असीस पाए मनइयो, आवा अउर जउन राज्य तोहरे बरे संसार क सृस्टि स पहिले तइयार कीन्ह ग अहइ, ओकर अधिकारी बनि जा।
34ܗܝܕܝܢ ܢܐܡܪ ܡܠܟܐ ܠܗܢܘܢ ܕܡܢ ܝܡܝܢܗ ܬܘ ܒܪܝܟܘܗܝ ܕܐܒܝ ܝܪܬܘ ܡܠܟܘܬܐ ܕܥܬܝܕܐ ܗܘܬ ܠܟܘܢ ܡܢ ܬܪܡܝܬܗ ܕܥܠܡܐ ܀
35इ राज्य तोहार अहइ काहेकि मइँ भुखान रह्यों अउ तू मोका कछू खाइके द्या, मइँ पिआसा रह्यों अउर तू मोका कछू पिअइ क दिहा। मइँ नगिचे स जात भवा अनजान रह्यों, अउर तू मोका भितरे लइ गया।
35ܟܦܢܬ ܓܝܪ ܘܝܗܒܬܘܢ ܠܝ ܠܡܐܟܠ ܘܨܗܝܬ ܘܐܫܩܝܬܘܢܢܝ ܐܟܤܢܝܐ ܗܘܝܬ ܘܟܢܫܬܘܢܢܝ ܀
36मइँ बेवस्तर रह्यों, तू मोका ओढ़ना पहिराया। मइँ बेरमिया रह्यों, अउर तू मोर सेवा किहा। मइँ गिरपतार रह्यों, अउन तू मोरे लगे आया।’
36ܥܪܛܠܝܐ ܗܘܝܬ ܘܟܤܝܬܘܢܢܝ ܟܪܝܗ ܗܘܝܬ ܘܤܥܪܬܘܢܢܝ ܘܒܝܬ ܐܤܝܪܐ ܗܘܝܬ ܘܐܬܝܬܘܢ ܠܘܬܝ ܀
37“फिन जवाबे मँ धर्मी मनई ओसे पुछिहइँ, ‘पर्भू, हम पचे तोहका कब भुखान लखा ह अउर खिआवा या पिआसा लखा अउर पिअइ क दिहा?
37ܗܝܕܝܢ ܢܐܡܪܘܢ ܠܗ ܗܢܘܢ ܙܕܝܩܐ ܡܪܢ ܐܡܬܝ ܚܙܝܢܟ ܕܟܦܢ ܐܢܬ ܘܬܪܤܝܢܟ ܐܘ ܕܨܗܐ ܐܢܬ ܘܐܫܩܝܢܟ ܀
38तोहका हम कब नगिचे स जात भवा अजनबी लखा अउर भितरे लइ गएन, या बेवस्तर के लखिके तोहका ओढ़ना पहिरावा?
38ܘܐܡܬܝ ܚܙܝܢܟ ܕܐܟܤܢܝܐ ܐܢܬ ܘܟܢܫܢܟ ܐܘ ܕܥܪܛܠܝ ܐܢܬ ܘܟܤܝܢܟ ܀
39अउ हम कब तोहका बेरमिया या गिरपतार लखा अउर तोहरे लगे आएन?’
39ܘܐܡܬܝ ܚܙܝܢܟ ܟܪܝܗܐ ܐܘ ܒܝܬ ܐܤܝܪܐ ܘܐܬܝܢ ܠܘܬܟ ܀
40“फिन राजा जवाबे मँ ओनसे कही, “मइँ तोहसे सच कहत हउँ जब कबहुँ तू मोर भोले भाले मनइयन मँ स कउनो एक बरे भी कछू किहा तउ उ तू मोरे बरे किहा।’
40ܘܥܢܐ ܡܠܟܐ ܘܐܡܪ ܠܗܘܢ ܐܡܝܢ ܐܡܪ ܐܢܐ ܠܟܘܢ ܕܟܡܐ ܕܥܒܕܬܘܢ ܠܚܕ ܡܢ ܗܠܝܢ ܐܚܝ ܙܥܘܪܐ ܠܝ ܗܘ ܥܒܕܬܘܢ ܀
41“फिन उ राजा आपन बाँई कइँती क मनइयन स कही, ‘अरे अभागे लोगो मोरे नगिचे स चला जा, अउ जउन आगी सइतान अउर ओकरे दूतन बरे तइयार कीन्ह गइ अहइ, उ अंनत आगी मँ जाइके कूद जा।
41ܗܝܕܝܢ ܢܐܡܪ ܐܦ ܠܗܢܘܢ ܕܡܢ ܤܡܠܗ ܙܠܘ ܠܟܘܢ ܡܢܝ ܠܝܛܐ ܠܢܘܪܐ ܕܠܥܠܡ ܗܝ ܕܡܛܝܒܐ ܠܐܟܠܩܪܨܐ ܘܠܡܠܐܟܘܗܝ ܀
42इहइ तोहार सजा अहइ काहेकि मइँ भुखान रह्यो पर तू मोका खाइके कछू नाहीं दिहा,
42ܟܦܢܬ ܓܝܪ ܘܠܐ ܝܗܒܬܘܢ ܠܝ ܠܡܐܟܠ ܘܨܗܝܬ ܘܠܐ ܐܫܩܝܬܘܢܢܝ ܀
43मइँ अनजान रहा पर तू मोका भितरे नाहीं लइ गया। मइँ बिन ओढ़ना क बेवस्तर रहा, पर तू मोका ओढ़ना नाहीं पहिराया। मइँ बेरमिया अउर गिरफ्तार रहा, पर तू मोरे कइँती धियान नाहीं दिया।’
43ܘܐܟܤܢܝܐ ܗܘܝܬ ܘܠܐ ܟܢܫܬܘܢܢܝ ܘܥܪܛܠܝܐ ܗܘܝܬ ܘܠܐ ܟܤܝܬܘܢܢܝ ܘܟܪܝܗܐ ܗܘܝܬ ܘܒܝܬ ܐܤܝܪܐ ܗܘܝܬ ܘܠܐ ܤܥܪܬܘܢܢܝ ܀
44“फिन उ सबइ भी जवाबे मँ ओसे पुछिहइँ, ‘पर्भू, हम तोहका भूखा या पिआसा या अनजान या बिना ओढ़ना क बेवस्तर या बेरमिया या गिरप्तार कब लखा अउर तोहार सेवा नाहीं कीन्ह’
44ܗܝܕܝܢ ܢܥܢܘܢ ܐܦ ܗܢܘܢ ܘܢܐܡܪܘܢ ܡܪܢ ܐܡܬܝ ܚܙܝܢܟ ܟܦܢܐ ܐܘ ܨܗܝܐ ܐܘ ܐܟܤܢܝܐ ܐܘ ܥܪܛܠܝܐ ܐܘ ܟܪܝܗܐ ܐܘ ܒܝܬ ܐܤܝܪܐ ܘܠܐ ܫܡܫܢܟ ܀
45“फिन उ जवाबे मँ ओनसे कही, मइँ तोहसे सच कहत हउँ जब कबहुँ तू मोर इन भोले भाले मनवइयन मँ स कउनो एक क बरे लापरवाही बरत्या अउर नाहीं किहा उ मोरे बरे भी कछू करइ मँ लापरवाही बरती।’
45ܗܝܕܝܢ ܢܥܢܐ ܘܢܐܡܪ ܠܗܘܢ ܐܡܝܢ ܐܡܪ ܐܢܐ ܠܟܘܢ ܕܟܡܐ ܕܠܐ ܥܒܕܬܘܢ ܠܚܕ ܡܢ ܗܠܝܢ ܙܥܘܪܐ ܐܦ ܠܐ ܠܝ ܥܒܕܬܘܢ ܀ 46 ܘܢܐܙܠܘܢ ܗܠܝܢ ܠܬܫܢܝܩܐ ܕܠܥܠܡ ܘܙܕܝܩܐ ܠܚܝܐ ܕܠܥܠܡ ܀
46“फिन इ सबइ बुरे लोग अनन्त सजा पइही अउ धर्मी मनई अनन्त जीवन मँ चला जइहीं।”
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